JNU Violence: दोषियों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस खंगाल रही 10000 मोबाइल फोन

नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में जिस तरह से कुछ नकाबपोश गुंडो ने घुसकर छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ की उसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। लेकिन अभी तक दिल्ली पुलिस को इस मामले में कुछ भी पुख्ता हाथ नहीं लगा है। पुलिस ने पूरे मामले में किसी को भी हिरासत में नहीं लिया है और ना ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। यही नहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज भी नहीं मिल पाई है क्योंकि यह इलाका सीसीटीवी कैमरे की जद में नहीं था।

Recommended Video

    JNU Violence: Delhi Police की नज़र में 10 हज़ार मोबाइल नंबर्स | वनइंडिया हिंदी
    सॉफ्टवेयर की मदद

    सॉफ्टवेयर की मदद

    इस पूरे मामले में अब दिल्ली पुलिस 10 हजार मोबाइल फोन नंबरों को सर्विलांस पर रखकर जेएनयू हिंसा के दोषियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि जिस जगह पर हिंसा हुई थी वहां पर सीसीटीवी कैमरा नहीं था। पुलिस कैंपस के मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को तलाश रही है, लेकिन इसमे भी उसे अभी तक कुछ खास हाथ नहीं लगा है। माना जा रहा है कि उपद्रवी इस गेट से अंदर नहीं गए थे, जिसकी वजह से वह कैमरे की जद में नहीं आए। दोषियों की पहचान के लिए अब दिल्ली पुलिस चेहरे पहचानने वाले सॉफ्टवेयर की भी मदद ले रही है।

     उपद्रवियों की पहचान जारी

    उपद्रवियों की पहचान जारी

    दिल्ली पुलिस 10 हजार मोबाइल नंबर के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उपद्रवी कैंपस के बाहर से आए थे या फिर वह कैंपस के भीतर के ही छात्र थे। इस पूरे मामले में पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए लोगों की मदद मांगी है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांन्च की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम का गठन किया या है, जिसकी अगुवाई डीसीपी जय तिर्की के हाथों में है। जिन लोगों के पास भी इस हिंसा से जुड़े वीडियो या कोई अन्य सबूत या जानकारी है उसे एक हफ्ते के भीतर एडमिन ब्लॉक को सौंप दें।

     आयशी घोष के खिलाफ एफआईआर

    आयशी घोष के खिलाफ एफआईआर

    बता दें कि जेएनयू हिंसा में दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की है जिसमे जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आयशी घोष का नाम भी शामिल है। बता दें कि जेएनयू प्रशासन ने आयशा पर सर्वर रूम को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की थी, जिके बाद उनके खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि अभी तक जेएनयू हिंसा में किसी के भी खिलाफ एफआईआर में दर्ज नहीं की गई है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+