दिल्ली गैंगरेप: 'दामिनी' के दरिंदों को सजा ए मौत
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। जिस घटना ने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया, जिसने सड़क से लेकर संसद तक हा-हाकार मचा दिया और जिसने देश की जनता को बुनियाद बदलने के लिये एकजुट कर दिया उसका फैसला आ गया है। जी हां हम बात कर रहे हैं दिल्ली गैंगरेप की जिसमें साकेत कोर्ट ने चारो दोषियों को सजा ए मौत की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत ने मंगलवार को चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था और फिर बुधवार को फैसले के लिये आज का दिन मुक्करर किया था।
मालूम हो कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने दो दिन पहले सजा पर सुनवाई पूरी की थी। अभियोजन पक्ष ने अपराध को "दुर्लभतम" श्रेणी का मामला बताते हुए चारों के लिए मौत की सजा सुनाने की गुजारिश की थी। बचाव पक्ष ने "दया" और "सुधरने" का अवसर देने की गुहार लगाई थी।

उल्लेखनीय है कि बीते साल 16 दिसंबर को दिल्ली की सड़कों पर 6 दरिंदों ने पैरामेडिकल की छात्रा 'दामिनी' से सामूहिक बलात्कार किया था फिर उसे खून जमा देने वाली सर्दी में निर्वस्त्र अवस्था में सड़क के किनारे फेंक दिया था। 31 दिसंबर को दामिनी की मौत सिंगापुर के माउंट एलाजिबेथ अस्पताल में हो गई थी।
दिल्ली गैंगरेप के 6 दरिंदे
राम सिंह, मुख्य आरोपी- तिहाड़ जेल में की खुदकुशी
नाबालिग बलात्कारी: जुबेनाइल कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा
मुकेश कुमार- फांसी
अक्षय ठाकुर- फांसी
विनय शर्मा- फांसी
पवन गुप्ता- फांसी
कब-कब क्या हुआ
16 दिसंबर 2012- दक्षिणी दिल्ली की मुनिरका इलाके में चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल की छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप।
17 दिसंबर 2012- इस मामले के मुख्य आरोपी रामसिंह को गिरफ्तार किया गया।
18 दिसंबर 2012- मामले के बाकी आरोपी पवन,विनय और मुकेश को पकड़ा गया।
20 दिसंबर 2012- गैंगरेप के नाबालिग आरोपी पकड़ में आया।
21 दिसंबर 2012- छठें आरोपी अक्षय को गिरफ्तार किया गया।
23 अगस्त 2012- मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालत बनाई गई।
3 जनवरी 2013- पुलिस ने 33 पन्नों की पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
2 फरवरी 2013- पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये गये।
5 फरवरी 2013- इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ।
11 मार्च 2013- गैगरेप के मुख्य आरोपी रामसिंह ने जेल में खुदकुशी कर ली।
22 अगस्त 2013- इस मामले में अंतिम बहस शुरू हुई।
3 सितंबर 2013- मामले की सुनवाई खत्म हुई।
10 सितंबर 2013- कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।












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