कॉम्बैट ट्रूप्स के लिए 10 लाख हैंड ग्रेनेड खरीदने पर विचार कर रहा रक्षा मंत्रालय
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आधुनिक राइफलों के लिए दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर
बता दें कि 500 करोड़ रुपए का यह प्रस्ताव काफी अहम है क्योंकि भारत सरकार ने इससे पहले सेना के जवानों के लिए आधुनिक राइफलों के लिए दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किया है। पहले मामले में, एक अमेरिकी फर्म से लगभग 75,000 सिग सॉयर असॉल्ट राइफलों के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जबकि रूस के साथ 7.5 लाख आधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलों के निर्माण के लिए एक संयुक्त प्रोग्राम बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की ओर से तैयार किए गए मौजूदा HE-36 ग्रेनेड के रिप्लेसमेंट के लिए नए हैंड ग्रेनेड खरीदे जाने की योजना है। मल्टी-मोड ग्रेनेड को डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया है और बड़ी संख्या में उन्हें बनाने के लिए एक प्रोडक्शन एजेंसी का चयन किया गया है। हैंड ग्रेनेड उन कुछ महत्वपूर्ण हथियारों में से हैं, जिन्हें सैनिकों को युद्ध के समय में आवश्यकता होती है क्योंकि उनका उपयोग दुश्मन के ठिकानों या बंकरों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए होती है।

पुलवामा आंतकी हमले के बाद से बॉर्डर पर है तनाव
बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ रुख अख्तियार करते हुए ठीक 12 दिन बाद 25-26 फरवरी की रात पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश-ए-मोहम्मद के कई ट्रेनिंग कैंपों को तबाह कर दिया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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