Davos summit: दावोस समिट में ना शामिल होने पर TDP ने की CM जगन की खिंचाई, कहा- विदेशी निवेश का हुआ नुकसान
Davos summit: दावोस शिखर समिट में सीएम जगन के शामिल ना होने पर तेलगु देशन पार्टी ने वाईएसआरसी सरकार की खिंचाई की है। टीडीपी प्रवक्ता कोम्मारेड्डी पट्टाभिराम ने कहा कि जगन मोहन के शिखर सम्मेलन में न आने से राज्य को विदेशी निवेश का नुकसान हुआ है। जबकि तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री समिट हुए, जिससे दोनों राज्यों को इसका लाभ हुआ।

दावोस में इस हफ्ते बुधवार (17 जनवरी) को विश्व आर्थिक मंच (WEF) की ओर आयोजित समिट में सीएम जगन शामिल नहीं हुए। इसको लेकर टीडीपी ने वाईएसआरसी और सीएम जगन को निशाने पर लिया। टीडीपी प्रवक्ता कोम्मारेड्डी पट्टाभिराम ने कहा कि आरोप लगाया कि सीएम के इसी रवैये के चलते पिछले पांच वर्षों में विदेशी निवेश के क्षेत्र में राज्य को भारी नुकसान हुआ है।
पट्टाभिराम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आंध्र प्रदेश को पिछले पांच वर्षों में विदेशी निवेश के संबंध में भारी नुकसान हुआ है। जगन ने इस साल दावोस शिखर सम्मेलन में भी भाग नहीं लिया, जबकि तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
बता दें कि दावोस शिखर समिट में कर्नाटक के मध्यम उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एमबी पाटिल शामिल हुए और वे कर्नाटक के लिए 22,000 करोड़ का निवेश लाए। वहीं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में तेलंगाना सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ₹36,500 करोड़ का निवेश हासिल किया। जबकि आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से समिट में कोई प्रतिनिधी मंडल नहीं पहुंचा, जिसके चलते प्रदेश को विदेशी निवेश का नुकसान हुआ है।
टीडीपी प्रवक्ता कोम्मारेड्डी पट्टाभिराम दावोस शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधियों को ले जाने में विफल रहने के लिए उद्योग मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ को भी निशाने पर लिया। पट्टाभिराम ने कहा कि टीडीपी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए 2014 और 2019 के बीच हर साल WEF में भाग लिया था। लेकिन मौजूदा सरकार ने इस समिट की उपेक्षा करके प्रदेश की विकास को रोकने का काम किया।












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