तीरथ रावत 'फटी जींस' बयान पर जवाब देने में सक्षम, हर बात को RSS से जोड़ने की जरूरत नहीं है: दत्तात्रेय होसबोले
तीरथ रावत 'फटी जींस' बयान पर जवाब देने में सक्षम, हर बात को RSS से जोड़ने की कोई जरूरत नहीं है: दत्तात्रेय होसबोले
नई दिल्ली: उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत पिछले कई दिनों ने रिप्ड जींस यानी फटी जींस को लेकर दिए अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। उत्तराखंड के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हाल ही में महिलाओं के फटी जींस पहनने को लेकर कहा था कि फटी जींस पहनने वाली महिलाएं अपने बच्चों को कैसे संस्कार दे पाएंगी। देशभर की कई महिला नेताओं से लेकर सेलेब्रिटी तक मे सीएम रावत की इस टिप्पणी के लिए आलोचना की। हालांकि सीएम रावत ने इसके लिए माफी भी मांगी। लेकिन इस सब के बीच कई विपक्ष के नेताओं ने इसको संघ (आरएसएस) से जोड़ने की कोशिश की। विपक्ष ने मांग की थी कि आरएसएस सीएम रावत के इस बयान पर अपना पक्ष रखे। अब इस पूरे मामले पर आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि हर बात को संघ के साथ जोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।

RSS से हर बात लिंक ना कीजिए: दत्तात्रेय होसबोले
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार (20 मार्च) को कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपनी 'रिप्ड जींस' वाली टिप्पणी पर जवाब देने में सक्षम हैं। इसलिए आरएसएस को सब कुछ से जोड़ने का कोई कारण नहीं है और ना ही कोई जरूरत है।

क्या यह बयान सही है या गलत, ये आप रावत से पूछिए: दत्तात्रेय होसबोले
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले से एक कार्यक्रम के दौरान सीएम तीरथ सिंह रावत के फटी जींस वाले बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। जवाब देते हुए दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, "जिस व्यक्ति का नाम आपने लिया है, वह जवाब देने में सक्षम है। लोग अपने विचार व्यक्त करते हैं। लोगों को विचार व्यक्त करने का अधिकार भी है। क्या यह बयान सही है या गलत, यह कुछ ऐसा है, जो उनसे (सीएम रावत) ही पूछा जाना चाहिए।''
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फटी जींस पर क्या कहा था तीरथ सिंह रावत ने?
उत्तराखंड के नवनिर्वाचित सीएम तीरथ सिंह रावत ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, ''मैं एक बार विमान में बैठा था तो मेरे बगल वाली सीट पर एक महिला बैठी थीं। मैंने उनको देखा तो नीचे गमबूट थे और ऊपर देखा तो घुटने फटे हुए थे। हाथ में कई कड़े थे। महिला के साथ मैंने दो बच्चों को देखा और जब उनके बारे में पूछा तो पचा चला कि महिला कोई एनजीओ चलाती हैं और पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं। अब आप खुद सोचिए और बताइए जो महिला एनजीओ चलाती हैं, उनके घुटने दिखने चाहिए क्या। वह समाज के बीच में रहती हैं, बच्चे हमेशा उनके साथ रहते हैं वो उन्हें क्या संस्कार देंगी।''
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद सीएम तीरथ सिंह रावत ने इस बयान के लिए माफी मांगी थी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था।












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