Cyclone Asna: बाढ़-बारिश के बाद गुजरात में तबाही मचा सकता है 'चक्रवात असना'! IMD ने दी चेतावनी
Cyclone Asna in Gujarat: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। गुजरात में बाढ़ और बारिश से हाल बेहाल है। इसी बीच अब गुजरात में चक्रवात असना का खतरा मंडराने लगा है।
मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि कच्छ तट और पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर गहरे दबाव के क्षेत्र के अगले छह घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह अगले 2 दिनों के दौरान भारतीय तट से दूर उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा।

चक्रवात असना के चलते कच्छ और सौराष्ट्र में भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया है।
अगले कुछ घंटों में टकरा सकता है चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात चक्रवात सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में बन रहा है और इसके शुक्रवार शाम तक तट से टकराने की संभावना है, जिससे इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात असना के कारण गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के तटों के साथ-साथ समुद्री क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक 60-65 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को अगले कुछ दिन समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
गुजरात की वर्तमान स्थिति
गुजरात में लगातार भारी बारिश के कारण हालात बिगड़े हुए हैं। बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 41,500 से ज़्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बारिश और बाढ़ के कारण सड़कों से लेकर घरों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है।
अगले पांच दिन भारी बारिश
मौसम विभाग ने 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट और बाकी 22 जिलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, गुजरात में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है।
परिवहन पर प्रभाव
भारी बारिश ने पूरे गुजरात में यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक कुल 939 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें पांच राष्ट्रीय राजमार्ग, दो एनएचएआई सड़कें, 66 राज्य बाईवे और 774 पंचायत सड़कें शामिल हैं। इस व्यवधान ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत प्रयासों को और जटिल बना दिया है।
1976 के बाद पहला चक्रवाती तूफान
यह 1976 के बाद अगस्त में अरब सागर में विकसित होने वाला पहला चक्रवाती तूफान होगा। उस समय, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने से पहले ओडिशा के ऊपर एक चक्रवात आया था। हालाँकि, उत्तर-पश्चिमी अरब सागर तक पहुँचने तक इसकी तीव्रता कम हो गई थी।
चक्रवात के साथ होगी भारी बारिश
जैसे-जैसे चक्रवात असना करीब आ रहा है, यह अपने साथ भारी बारिश और तेज़ हवाओं का ख़तरा लेकर आ रहा है। आईएमडी की चेतावनी के बाद अधिकारियों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।












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