महाराष्ट्र के इन इलाकों में बिना सहमति होगा कोरोना टेस्ट, इनकार किया तो होगी कार्रवाई
मुबई। महाराष्ट्र एक बार फिर कोरोना वायरस प्रभावित राज्यों में पहले नंबर पर पहुंच गया है। कोविड-19 के रोजाना बढ़ते मामलों के चलते राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने कई सख्त फैसले लिए हैं। इसी क्रम में अब महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना वायरस टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। शनिवार को बीएमसी ने नया फरमान जारी करते हुए कहा कि मॉल, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, गली, बाजार, पर्यटन स्थल, सरकारी कार्यालयों जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर नागरिकों की सहमति के बिना रैंडम एंटीजन टेस्ट किया जाएगा।

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बीएमसी ने यह भी कहा कि अगर कोई नागरिक कोरोना टेस्ट कराने से इनकार करता है तो उसपर महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बीएमसी ने इस संबंध में एक सूचना पत्र भी जारी किया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब प्रतिदिन कोरोना वायरस के 25 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार देश भर में कुल संक्रमण में से 65 प्रतिशत नए केस अकेले महाराष्ट्र से ही आ रह हैं। शुक्रवार को सिर्फ महाराष्ट्र से ही 25681 नए कोविड-19 मरीज सामने आए, जबकि इस दौरान 70 लोगों की मौत भी हुई। वहीं, राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां 3062 नए केस दर्ज किए गए जबकि 10 लोगों की मौत हुई।
नागपुर में 31 मार्च तक बढ़ा लॉकडाउन
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। राजधानी मुंबई, पुणे के अलावा नागपुर में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। जिस वजह से वहां पर प्रशासन ने 31 मार्च तक मौजूदा प्रतिबंधों को जारी रखने का फैसला लिया है। इसके अलावा सब्जी, किराना आदि आवश्यक वस्तुओं की दुकानें अब शाम 4 बजे तक ही खुलेंगी, ताकी बाजारों में भीड़ को कम किया जा सके। नागपुर में मंत्री नितिन राउत ने कहा कि कोरोना के कहर को देखते हुए नागपुर शहर में 15 से 21 मार्च तक लॉकडाउन लागू किया गया था, जिसे बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया। साथ ही शाम 7 बजे सभी रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे, लेकिन ऑनलाइन फूड डिलीवरी रात को 11 बजे तक होगी।
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