दिल्ली के बाद यूपी में कोरोना टेस्ट कराना हुआ सस्ता, 2500 रुपए में होगी प्राइवेट लैब में जांच

लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस टेस्ट के रेट तय कर दिए गए हैं। दिल्ली में अब कोरोना की जांच के लिए 2400 रुपये चुकाने होंगे। दिल्ली के बाद यूपी सरकार ने भी राज्य में कोरोना के टेस्ट रेट को फिक्स कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र की प्रयोगशालाओं द्वारा कोरोना संक्रमण की एकल चरण जांच के लिए अधिकतम फीस 2500 रुपये निर्धारित की है। वहीं सरकारी या निजी चिकित्सालय द्वारा प्राइवेट लैब को भेजे गए सैंपल की की दर 2000 रुपए निर्धारित की गई है।

कल हुई अहम बैठक में तय की गईं कीमतें

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महामारी से निपटने की रणनीति के लिए रविवार को शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली के तीनों नगर निगमों के मेयर और आयुक्त के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी। बैठक में अमित शाह ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में महामारी के खिलाफ एक साझा रणनीति की आवश्यकता को रेखांकित किया था। इस बैठक में यूपी के गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद के वरिष्ठ नौकरशाह और स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था।

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    प्राइवेट लैब में 2500 रुपए अधिकतम

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    बैठक की जानकारी साझा करते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, निजी प्रयोगशालाएं स्वयं एकत्र किए गए नमूने की एकल चरण जांच के लिए अधिकतम 2,500 रुपये ले सकेंगी। वहीं, सरकारी या निजी चिकित्सालयों द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को भेजे जाने वाले नमूने की जांच पर अधिकतम 2,000 रुपये लिए जा सकेंगे। इससे अधिक धनराशि लिए जाने पर एपीडेमिक डिजीज ऐक्ट तथा उत्तर प्रदेश महामारी कोविड-19 विनियमावली का उल्लंघन मानते हुए कार्यवाही की जाएगी।

    लैब को कोरोना संक्रमितों का डेटा हर दिन करना होगा साझा

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    यूपी अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि, परीक्षण के बाद आईसीएमआर के पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करने के अलावा संबंधित जिले के सीएमओ और स्टेट सर्विलांस अधिकारी को रिपोर्ट की एक फोटोकॉपी देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही मांगे जाने पर इन प्रयोगशालाओं को गुणवत्ता ऑडिट के लिए नमूने चिकित्सा महाविद्यालयों और रेफरल प्रयोगशालाओं को उपलब्ध कराना होगा। बता दें कि इससे पूर्व 23 अप्रैल को जारी शासनादेश में निजी प्रयोगशालाओं के लिए प्रथम चरण की जांच के लिए 1500 रुपए और द्वितीय चरण की जांच के लिए अधिकतम 3000 रुपए निर्धारित किया गया था।

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