कोरोना: एक वायरस के कारण क्या भारत में बंद जैसी स्थिति पैदा हो गई है?
स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल, बार, रेस्त्रां, जिम, मंदिरों में जाने पर प्रतिबंध, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक और कई जगहों पर धारा 144 - ये वो कदम हैं जो भारत में केंद्र से लेकर राज्य सरकारें कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठा रही हैं.
कुछ स्थानों पर इन नियमों का ठीक ढंग से पालन भी किया जा रहा है. जबकि कुछ जगहों पर इन नियमों की अवहेलना होती हुई भी देखी जा रही है और बाज़ार और सार्वजनिक जगहों पर पहले की तरह लोग दिख रहे हैं.
सोमवार को मंत्रीसमूह की एक बैठक के बाद सरकार ने यूरोपीय संघ के देशों, यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन में शामिल देशों, तुर्की और यूके से आने वाले सभी यात्रियों पर पाबंदी लगा दी. इन देशों से भारत आने वालों पर फिलहाल मार्च की 31 तारीख तक रोक लागू रहेगी.
साथ ही संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और कुवैत से आने वाले सभी यात्रियों को 14 दिनों ले लिए अलग किए जाने (क्वारंटीन) करने को बाध्यकारी बनाने पर भी फ़ैसला लिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है, "18 मार्च को 12 बजे के बाद से किसी भी एयर लाइन को इन देशों से भारत आने वाले लोगों को बैठाने की ज़रूरत नहीं है. और एयरलाइन कंपनी को ये कदम शुरुआती उड़ान वाली जगह पर ही उठाना देना चाहिए. "
इसके साथ ही भारत भर में सभी संग्रहालयों को बंद कर दिया गया है. पुरी और कोनार्क मंदिर के तटों पर धारा 144 लगाई गई है.
भारत में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 125 मामले सामने आ चुके हैं जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है.
कई लोग ऐसे हैं जो इससे डरे हुए हैं और अपनी जांच कराने की जुगत में लगे हुए हैं. बसों से लेकर ट्रेनों में सफर कर रहे लोगों के चेहरों पर मास्क और माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं.
सरकारें भी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लोगों को भारत में बंदी जैसी स्थिति पैदा करने की ओर बढ़ रही हैं.
केंद्र सरकार ने देश भर में सभी शैक्षणिक संस्थाओं, जिम, संग्रहालय, स्विमिंग पूल, थिएटर पर आगामी 31 मार्च तक के लिए प्रतिबंध लगा दिए हैं.
महाराष्ट्र में कैसे हैं हालात?
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या सबसे ज़्यादा है.
इसे देखते हुए उद्धव ठाकरे सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, बार, जिम, रेस्त्रां और तमाम दूसरे अन्य संस्थानों को फौरी तौर पर बंद करने का आदेश दिया है जहां पर एक समय में ज़्यादा लोग एकत्रित होते हों.
कोरोना वायरस की वजह से महाराष्ट्र की फ़िल्म इंडस्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित हो गई है. कई फ़िल्मों की रिलीज़ टाल दी गई है.
2 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली राना दुग्गाबति की फ़िल्म 'हाथी मेरे साथी' की रिलीज़ टाल दी गई है. अक्षय कुमार की फ़िल्म सूर्यवंशी की रिलीज़ डेट भी आगे बढ़ा दी गई है. कई फ़िल्मों की शूटिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और मुंबई के जानेमाने सिद्धि विनायक मंदिर को भी बंद कर दिया गया है.
मुंबई में बीएमसी कमिशन्र प्रवीण परदेशी ने कहा है, "सभी तरह की गैर-ज़रूरी सेवाओं के दफ़्तरों में सिर्फ पचास फीसदी कर्मचारियों के साथ काम किया जाएगा. अगर इस आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित संस्थान के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी."
दिल्ली में कैसे हैं हालात?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शादी-विवाह को छोड़कर एक स्थान पर एक से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश दिए हैं.
उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके कहा है, "मैंने सभी ज़िलों के डीएम, एसडीएम समेत म्युनिसिपल कमिशनरों को अब तक बंद नहीं किए गए सार्वजनिक स्थानों पर पोर्टेबल वॉशबेसिन और ऑटोमेटिक सोप डिस्पेंसर रखने को कहा है."
दिल्ली में भी सभी सिनेमा हॉल, स्कूल, कॉलेज, युनिवर्सिटी, मॉल औरसार्वजनिक स्थानों को बंद कर दिया गया है.
लेकिन अब तक काम करने की जगहों जैसे बड़ी कंपनियों और बाज़ारों को बंद करने से जुड़े दिशानिर्देश कम ही सामने आए हैं.
इसके साथ ही निजी टैक्सियों पर भी छिड़काव करके उन्हें कीटाणु मुक्त बनाने की कोशिश की जा रही है. वहीं सोशल मीडिया से लेकर आम बातचीत में लोगों के बीच परिवहन सेवाओं को बंद किए जाने की चर्चा भी हो रही है.












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