चौकीदार चोर पर राहुल ने मांगी बिना शर्त माफी, केस रद्द करने की गुहार लगाई
नई दिल्ली। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ चौकीदार चोर है मामले में मानहानि का मामला दर्ज कराया था जिसपर राहुल गांधी ने आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बिना शर्त माफी मांग ली है। इसके पहले की सुनवाई में राहुल गांधी ने अपने बयान पर केवल खेद जताया था जिससे सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नहीं था।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे पर अपनी उस टिप्पणी के लिए सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगते हुए तीन पेज का हलफनामा दायर किया है, जिसमें उन्होंने कहा था 'सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार किया है कि चौकीदार चोर है।' राहुल गांधी ने कोर्ट से केस खत्म करने की गुहार भी लगाई है। इसके पहले, अवमानना मामले (Contempt Case) में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे की भाषा पर नाराजगी जताई थी। सीजेआई ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा था कि ब्रैकेट में खेद जताने का क्या मतलब होता है।
कोर्ट ने राहुल गांधी को लगाई थी फटकार
30 अप्रैल को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि राहुल गांधी जानबूझकर अदालत के मुंह में अपने शब्द डालना चाहते हैं। उन्होंने केवल खेद व्यक्त किया है जबकि अवमानना मामलों में कानून स्पष्ट है जो बिना शर्त माफी के साथ शुरू होता है। अदालत ने राहुल गांधी के वकील से पूछा कि जब कोर्ट ने ये बात (चौकीदार चोर है) कही ही नहीं, तो ऐसा क्यों बोला जा रहा है।
बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर लगाए थे आरोप
बीजेपी सांसद के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि वह लगातार इसे अपनी जीत बता रहे हैं। कोर्ट ने जब किसी राजनीतिक नारे को तवज्जो नहीं दी है तो वह इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी ने हलफनामा दायर कर पूरे मामले में खेद जताया था। इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष को नया हलफनामा दायर करने की अदालत ने इजाजत दी थी। राहुल गांधी के वकील ने कहा था कि वे 6 मई को दूसरा हलफनामा दायर करेंगे।
ये भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव 2019 की हर खबर
दरअसल, मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल मामले में दिए गए आदेश पर टिप्पणी करने के लिए राहुल गांधी के लिए अवमानना याचिका दायर की थी। राहुल ने पुरानी दलीलों को ही आधार बनाया और कहा कि उनका मकसद सुप्रीम कोर्ट का अपमान करना नहीं था। हालांकि, इसी बहाने उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को घेरा और कहा कि भाजपा भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को राफेल मामले में क्लीन चिट बनाकर बाहर फायदा उठा रही है।
अदालत की अवमानना के मामले में राहुल ने मांगी माफी
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने चौकीदार चोर है वाले बयान सुप्रीम का नाम लेने को लेकर राहुल गांधी से पहले केवल स्पष्टीकरण मांगा था। बाद में उन्हें नोटिस जारी किया गया था। बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से मिले नोटिस पर कहा था कि राफेल करार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई अपनी टिप्पणी के सिलसिले में राहुल गांधी द्वारा 'खेद' प्रकट करना दिखाता है कि उन्होंने 'अपना दोष मान लिया' है। लेखी ने जोर देकर कहा था कि राहुल द्वारा अपना 'दोष मानने' का साफ मतलब है कि 'यह अदालत की अवमानना है'।












Click it and Unblock the Notifications