Constitution Day 2020: 10 प्वाइंट में समझिए कि क्यों मनाते हैं संविधान दिवस
Constitution Day 2020: प्रत्येक वर्ष हमारे देश में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को राष्ट्रीय कानून दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। जबकि इसे लागू 26 जनवरी 1950 को किया गया था। भारत का संविधान सर्वोच्च नियम पुस्तक है जो देश के प्रत्येक नागरिक पर लागू होती है। संविधान सभा द्वारा भारत का संविधान कई चर्चाओं और बहस के बाद अस्तित्व में आया। चूंकि ये 26 नवंबर को विधिवत रुप से अपनाया गया यही कारण है कि इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। दस प्वाइंट में समझिए भारतीय संविधान से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी....
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- वर्ष 2015 में डॉ. आंबेडकर के 125वें जयंती के अवसर पर ये निर्णय लिया गया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। ये दिवस भारतीय नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को प्रेरित करने और बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।
- भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। हमारे संविधान के लिए यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के संविधान से कुछ हिस्से लिए गए हैं।
- संविधान की मूल प्रति की चौड़ाई 16 इंच है, हमारा संविधान 22 इंच लंबे चर्मपत्र शीटों पर लिखा गया था इस पांडुलिपि में 251 पेज शामिल थे।
- संविधान की असली प्रतियां हिंदी और अंग्रेजी दो भाषाओं में लिखी गई थीं। जिसे आज तक भारत की संसद में हीलियम से भरे डिब्बों में सुरक्षित रखा गया है ताकि ये खराब न हो।
- भारत संविधान के रचनाकार डॉ. भीमराव अंबेडकर हैं। इस संविधान तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह 18 दिन लगे थे। यह 26 नवंबर, 1949 को पूरा हुआ था। 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू किया गया था। यही काराण है कि 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं
- संविधान की मूल कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपने हाथों कैलीग्राफी के जरिए इटैलिक अक्षरों में लिखी थी। हाथ से लिखे गए संविधान के हर पन्ने को शांतिनिकेतन के कलाकारों ने बहुत ही सुंदर सजाया है।
- हाथ से लिखे हुए भारतीय संविधान पर 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा के 284 सदस्यों ने साइन किए थे जिसमें 15 महिलाएं भी शामिल थीं।
- भारतीय संविधान में नागरिकों के मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों का विस्तृतवर्णन किया गया है।
- भारतीय संविधान में विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिक के अधिकार उनका कार्य और शक्तियों का विस्तृत वर्णन है, साथ ही इन तीनों की देश चलाने में क्या भूमिका है इस विस्तार इसमें है।
- भारतीय संविधान जब लिखा गया तो उसमें मूल रूप से कुल 395 अनुच्छेद (22 भागों में विभाजित) और 8 अनुसूचियाँ थी, लेकिन समस-समय पर कई संशोधनों के बाद अब वर्तमान में इसमें कुल 470 अनुच्छेद (25 भागों में विभाजित) और 12 अनुसूचियां हैं। संविधान के तीसरे भाग में 6 मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है। ये भी पढ़ें - अमिताभ बच्चन से शख्स ने पूछा- आप दान क्यों नहीं करते, तो बिग बी ने दिया ये करारा जवाब












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