Trump Alone At Hormuz: जंग में अकेले पड़े ट्रंप! NATO देशों ने भी फेर लिया मुंह, अब चीन को दिया बड़ा लालच
Trump Alone At Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran के साथ जारी जंग के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मूज को खुला रखने के लिए लगभग सात देशों से वॉरशिप भेजने की मांग की गई है। ट्रंप ने देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन इतना जरूर कहा कि ये सभी देश मिडिल ईस्ट के तेल पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।
ट्रंप यह बयान उस समय आया है जब खबरें सामने आ रही हैं कि ट्रंप जल्द ही इस स्ट्रेट (स्ट्रेट) से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए एक Global Sea Alliance की घोषणा कर सकते हैं। दुनिया के कुल Oil Export का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। लेकिन सभी को पता है कि ट्रंप को पूरी दुनिया की कम और अपनी ज्यादा चिंता है।

ट्रंप ने मदद के लिए फैलाए हाथ
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कई देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मूज की निगरानी के मुद्दे पर बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस रास्ते पर असल में वही देश ज्यादा निर्भर हैं। अपने बयान में ट्रंप ने कहा-
"हमें वहां से बहुत कम तेल मिलता है, मुश्किल से 1%, लेकिन दूसरे देश इस रास्ते पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं।"
चीन को भी दिया इशारा
ट्रंप ने कहा कि China अपने तेल का करीब 90% हिस्सा इसी स्ट्रेट से प्राप्त करता है। ट्रंप ने कहा कि अगर अन्य देश भी निगरानी में शामिल होते हैं तो यह सबके लिए बेहतर होगा और अमेरिका इसमें सहयोग करेगा। ट्रंप ने इशारों ही इशारों में एक तरह से चीन को अपनी तरफ आने का लालच दिया है। दरअसल चीन पर युद्ध की शुरुआत से ही ईरान को इंटेलिजेंस इनपुट देने के आरोप लग रहे हैं।
सभी ने ट्रंप से फेरा मुंह
हालांकि अब तक किसी भी देश ने ट्रंप की गुहार पर वॉरशिप भेजने की बात नहीं कही है। कोई ट्रंप के फैलाए इस रायते में हाथ नहीं डालना चाहता। हां, कुछ देशों ने ईरान से युद्ध को खत्म करने को लेकर बात जरूर की है। वहीं, इस अनिश्चितता का असर सीधे वैश्विक बाजार पर दिख रहा है और तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
नाटो के लिए अमेरिकी समर्थन की बात
ट्रंप ने बातचीत के दौरान NATO के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा नाटो के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका Ukraine में भी नाटो की मदद कर रहा है। ट्रंप ने कहा, "यह हमें सीधे प्रभावित नहीं करता, लेकिन फिर भी हमने उनकी मदद की है।" बावजूद इसके ट्रंप को किसी का साथ मिलता नहीं दिख रहा।
ट्रंप का चुनौती भरा बयान
ट्रंप ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश इस छोटे से प्रयास में अमेरिका की मदद नहीं करता। उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ इतना करना है कि स्ट्रेट खुला रहे और जहाज सुरक्षित गुजर सकें।
ईरान ने चुनिंदा कार्गो शिप को दी जाने की इजाजत
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी चैनल CBS News से बातचीत में कहा कि कई देशों ने अपने जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मांगा है। उन्होंने बताया कि कुछ देशों के जहाजों के समूह को जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई थी। अराघची ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने पर बातचीत करने का कोई कारण नहीं दिखता।
साथ ही, कुछ शिप जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से गुजरने की इजाजत नहीं थी, जब उन्होंने किसी तरह निकलने की कोशिश की तो ईरान ने उन शिप पर हमला कर डुबो दिया। ताजा मामला एक थाई शिप का है जो की होर्मूज से तेल लेकर थाईलैंड की तरफ जा रहा था।
इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












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