AICC की मीटिंग में पार्टी कार्यकर्ताओं को मल्लिकार्जुन खड़गे का सख्त संदेश, कहा- काम करें या हो जायें रिटायर!
Mallikarjun Kharge in Gujarat: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे आयोजित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सत्र में पार्टी नेताओं को कड़ा और साफ संदेश दिया। इस ऐतिहासिक स्थल से खड़गे ने न सिर्फ कांग्रेस की वैचारिक जड़ों की याद दिलाई, बल्कि पार्टी के अंदर अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर भी दो टूक बात कही।
उन्होंने मंच से साफ कहा कि जो नेता पार्टी के काम में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें अब "आराम करना चाहिए", और जो जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें "रिटायर" हो जाना चाहिए। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर निष्क्रिय और गैर-जिम्मेदार नेताओं के लिए सीधी चेतावनी माना जा रहा है।

खड़गे ने यह भी साफ कर दिया कि कांग्रेस अब केवल नाम की संगठन नहीं रहेगी, बल्कि ज़मीनी स्तर पर मज़बूत ढांचे के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने आने वाले समय में संगठन को मज़बूत करने के लिए बड़े बदलावों के संकेत भी दिए।
ये भी पढ़ें: कांग्रेस का राष्ट्रवाद देश को जोड़ने का, भाजपा का राष्ट्रवाद देश को बांटने का: सचिन पायलट
जिला अध्यक्षों की भूमिका होगी अहम
खड़गे ने कहा कि संगठन में जिला कांग्रेस अध्यक्षों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इनकी नियुक्ति AICC की गाइडलाइंस के अनुसार निष्पक्ष और सख्ती से की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा, "जिला अध्यक्षों को बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर की कमेटियां एक साल के अंदर अच्छी टीम के साथ बनानी होंगी। इसमें कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए।"
उम्मीदवार चयन में भी लेंगे हिस्सा
खड़गे ने बताया कि उन्होंने और राहुल गांधी ने देशभर के जिला अध्यक्षों के साथ तीन बैठकें की हैं। भविष्य में इन जिला अध्यक्षों को चुनाव में उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया में भी शामिल किया जाएगा।
काम नहीं करने वालों को हटने की सलाह
खड़गे ने दो टूक कहा, "जो लोग पार्टी के काम में मदद नहीं कर रहे, उन्हें आराम करना चाहिए। और जो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए।" उनके इस बयान पर सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियों से स्वागत किया।
गांधी और पटेल के विचारों की राह पर कांग्रेस
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी महात्मा गांधी और सरदार पटेल के विचारों का पालन करती है। खड़गे बोले, "हम साबरमती के तट से न्याय के रास्ते पर चलने का संदेश लेकर निकलेंगे - संकल्प, संघर्ष और समर्पण के साथ।"
उन्होंने सरदार पटेल को उद्धृत करते हुए कहा, "संख्या का कोई मतलब नहीं होता अगर संगठन नहीं हो। जब रेशे इकट्ठे होते हैं, तभी कपड़ा बनता है - और वही ताकत, सुंदरता और उपयोगिता होती है।"
"हम फिर से आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं"
खड़गे ने कहा कि आज की राजनीतिक लड़ाई एक नई आज़ादी की लड़ाई है। उन्होंने कहा, "पहले अन्याय, गरीबी और भेदभाव को विदेशी बढ़ावा देते थे, आज हमारी अपनी सरकार ही इन्हें बढ़ावा दे रही है। लेकिन हम ये लड़ाई भी जीतेंगे।"
बीजेपी सरकार पर लगाया सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप
खड़गे ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे भविष्य के मुद्दों की बजाय पुराने विवादों को उखाड़कर सांप्रदायिक तनाव फैला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी, "ऐसी खतरनाक सोच का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।"
चुनावों में धांधली का आरोप
खड़गे ने चुनाव प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास के बावजूद कई विकसित देश EVM छोड़कर फिर से बैलेट पेपर की ओर लौट गए हैं, लेकिन भारत का चुनाव आयोग अब भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा।उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव में नकली वोटर लिस्ट बनाई गई थी।
ये भी पढ़ें: Kedar Jadhav: क्रिकेटर केदार जाधव भाजपा में शामिल, अब सियासी पिच पर करेंगे बैटिंग












Click it and Unblock the Notifications