कार्ति चिदंबरम का आरोप- CBI ने किया संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन, स्पीकर को लिखा पत्र
नई दिल्ली, 27 मई: चीनी वीजा घोटाला मामले में हाल ही में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम के ठिकानों पर सीबीआई और ईडी की छापेमारी हुई थी। इस दौरान जांच दल ने उनसे पूछताछ करते हुए कई दस्तावेज जब्त किए। जिससे नाराज कार्ति चिदंबरम ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पत्र लिखा है। साथ ही सीबीआई की पूछताछ के खिलाफ शिकायत की।
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कार्ति चिदंबरम का दावा है कि सीबीआई ने पूछताछ और छापेमारी के दौरान उनके संसदीय विशेषाधिकार का घोर उल्लंघन किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा है कि सीबीआई ने संसदीय विशेषाधिकार का घोर उल्लंघन किया है। मेरी संसदीय समिति के कागजात जो आईटी समिति से संबंधित हैं, तलाशी के दौरान जब्त कर लिए गए। ये संसदीय कार्यवाही से जुड़े गोपनीय कागजात हैं, जिसे लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज
इस मामले की जांच सीबीआई पहले से ही कर रही थी। जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कुछ अहम सबूत मिले। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय भी हरकत में आया और उसने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। अब ये पता लगाने की कोशिश की जा रही कि वीजा घोटाले में किन-किन अधिकारियों ने घूस लिया था।
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि ये मामला 2011 का है, उस वक्त केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और पी. चिदंबरम गृहमंत्री थे। उसी वक्त पंजाब में एक बिजली कंपनी में काम करने के लिए 250 चीनियों को वीजा जारी किया गया। इसमें नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ, क्योंकि ये वीजा एक महीने के अंदर जारी हुआ, जो तय सीमा से ज्यादा था। बाद में सीबीआई की जांच में पता चला कि चेन्नई में एक शख्स से मुलाकात के बाद ये वीजा जारी हुए थे। इसके बाद कार्ति पर नाम इस घोटाले में सामने आया। आरोप है कि उनके पिता गृहमंत्री थे, ऐसे में उन्होंने नियम के खिलाफ वीजा जारी करवाया।












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