सचिन पायलट की मांग पूरी, कांग्रेस ने अविनाश पांडे को राजस्थान प्रभारी पद से हटाया, माकन को मिली कमान
नई दिल्ली। राजस्थान में पिछली कई दिनों से जारी सियासी संकट पर अब विराम लग गया है, राज्यसभा में बहुत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहे। सियासी उठा-पटक खत्म होने के बाद आज कांग्रेस ने राज्यस्थान में पार्टी की कमान अजय माकन के हाथों में सौंपी है। पार्टी ने अविनाश पांडेय की जगह अजय माकन को तत्काल प्रभाव से प्रभारी महासचिव नियुक्त कर दिया है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख ने यह फैसला सचिन पायलट के उन मुद्दों को देखते हुए लिया है जो उन्होंने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के सामने उठाए थे।

अजय माकन को राजस्थान के प्रभारी महासचिव नियुक्त किए जाने के कुछ समय बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। सचिन ने लिखा, 'अजय माकन जी को राजस्थान प्रभारी महासचिव नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति से निश्चित ही राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को बल मिलेगा। उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ मैं अजय माकन जी का वीर भूमि राजस्थान में स्वागत भी करता हूं।'
Congress appoints Ajay Maken as the General Secretary in-charge of #Rajasthan, replacing Avinash Pandey with immediate effect. pic.twitter.com/3uENR7C8hf
— ANI (@ANI) August 16, 2020
तीन सदस्यीय समिति का गठन
कांग्रस ने अविनाश पांडेय को प्रभारी महासचिव पद से हटाने के साथ ही उस तीन सदस्यीय समिति का गठन भी कर दिया है जिसका आश्वासन प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने सचिन पायलट व उनके समर्थकों को दिया था। इस समित में पार्टी प्रमुख ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन, अहमद पटेल और केसी वेणुगोपाल को शामिल किया है। बता दें कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रहे विवाद के निपटारे के लिए तीन सदस्यीय समिति के गठन का फैसला किया था।
श्री @ajaymaken जी को राजस्थान प्रभारी महासचिव नियुक्त किए जाने पर हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति से निश्चित ही राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को बल मिलेगा। उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ मैं अजय माकन जी का वीर भूमि राजस्थान में स्वागत भी करता हूँ।
— Sachin Pilot (@SachinPilot) August 16, 2020
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले का सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत दोनों ने स्वागत किया है। मालूम हो कि राजस्थान में पिछले एक महीने से सियासी संकट जारी था जो सचिन पायलट की घर वापसी के बाद समाप्त हो गया है। विधानसभा सत्र से ठीक पहले सचिन पायलट ने अपने साथी विधायकों के साथ पार्टी में वापसी कर दी थी। इसके बाद स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले 14 अगस्त को हुए सत्र में गहलोत सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव जीता था।
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