CMIE की रिपोर्ट में दावा- अगस्त में देश की बेरोजगारी दर एक साल के उच्च स्तर पर
नई दिल्ली, 2 सितंबर: देश के लिए एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक पिछले एक साल में हमारे यहां बेरोजगारी काफी ज्यादा बढ़ी है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक भारत की बेरोजगारी दर अगस्त में एक साल के उच्च स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। वहीं दूसरी ओर जुलाई में बेरोजगारी दर 6.8 प्रतिशत और रोजगार 397 मिलियन था।

मामले में सीएमआईई के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास ने कहा कि शहरी बेरोजगारी दर आमतौर पर ग्रामीण बेरोजगारी दर की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक होती है, जो आमतौर पर करीब 7 प्रतिशत होती है। अगस्त में शहरी बेरोजगारी दर बढ़कर 9.6 प्रतिशत हो गई, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत है। उनके मुताबिक अनियमित बारिश ने बुवाई गतिविधियों को प्रभावित किया, जिस वजह से ग्रामीण भारत में बेरोजगारी दर बढ़ी है।
रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण भारत में बेरोजगारी दर अगस्त में 7.7 प्रतिशत हो गई, जबकि ये जुलाई में 6.1 प्रतिशत थी। इससे भी महत्वपूर्ण बात ये है कि रोजगार दर 37.6 प्रतिशत से गिरकर 37.3 प्रतिशत हो गई। व्यास ने आगे कहा कि ग्रामीण बेरोजगारी दर में कमी आ सकती है क्योंकि मानसून में देरी से मानसून के मौसम के अंत में कृषि गतिविधियों में वृद्धि होगी, लेकिन ये साफ नहीं है कि शहरी बेरोजगारी दर क्या होगी?
आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के दौरान हरियाणा में सबसे ज्यादा 37.3 फीसदी बेरोजगारी थी। उसके बाद जम्मू-कश्मीर में 32.8, राजस्थान में 31.4, झारखंड में 17.3 और त्रिपुरा में 16.3 फीसदी थी।
चिदंबरम ने साधा निशाना
वहीं इस रिपोर्ट के आने के बाद कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा कि जिस दिन बीजेपी के प्रवक्ता ने दावा किया कि देश में रोजगार दर बढ़ रही है, उसी दिन सीएमआईई ने बताया कि अगस्त में बेरोजगारी दर बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गई, जबकि शहर की बेरोजगारी दर 9 प्रतिशत थी।












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