योग कार्यक्रम से दूर रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार, मंत्री बोले- क्यों नहीं आए वही जानते होंगे
पटना। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में योगाभ्यास किया गया। पीएम मोदी समते कई राज्यों की मुख्यमंत्रियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिए। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में शामिल होने से दूरी बनाए रखी। पटना के पाटलीपुत्र खेल परिसर में आयोजित योगाभ्यास में जेडीयू के नेता और मंत्री तो शामिल हुए लेकिन सीएम नीतीश कुमार योगाभ्यास करने नहीं पहुंचे।

विश्व योग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य और कला संस्कृति युवा विभाग की ओर से पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने किया। इस कार्यक्रम में बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी, बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री प्रेम कुमार, कृष्ण कुमार ऋषि, रामसेवक सिंह और लक्षमेश्वर राय, प्रमोद कुमार, श्रवण कुमार, महेश्वर हजारी भी शामिल हुए
यह पहला मौका था जब बीजेपी और जेडीयू एक साथ योग कार्यक्रम में शामिल हुए। नीतीश कुमार के योग कार्यक्रम में शामिल नहीं होने पर जब मंत्री श्रवण कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कहा कि योग के समर्थन के लिए सार्वजनिक रूप से योग करने की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि सीएम नीतीश कार्यक्रम में क्यो नहीं आए यह उन्हीं को मालूम होगा।
बिहार सरकार के ज्यादातर नेता योग करने में रहे असफल
मीडिया रिपोर्ट की माने तो बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी और प्रेम कुमार ज्यादातर योगासन करने में असफल रहे। प्रेम कुमार को तो योगाभ्यास करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तो कुछ मंत्री अपने निकले हुए पेट की वजह से योगाभ्यास ठीक तरीके से नहीं कर पाए। जबकि कुछ ने बैठे-बैठे ही पैर हिलाना सही समझा। स्थानीय मीडिया के अनुसार पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि तो योग करने में पूरी तरह से असफल साबित हुए। लेकिन शवासन ही एक मात्र ऐसा योगभ्यास रहा जिसमें सभी नेताओं ने बाजी मार ली।
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