नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू फर्जी बम धमकियों पर हुए सख्त, आजीवन कारावास और नो-फ्लाई सूची का किया ऐलान
Bomb Threats To Airline Services: नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने हाल ही में फर्जी बम धमकियों के मामलों में हो रही वृद्धि पर कड़ा रुख अपनाते हुए विमानन सुरक्षा कानून में संशोधन की योजना की घोषणा की है। प्रस्तावित बदलावों के तहत फर्जी बम धमकियों के मामलों में दोषी पाए जाने वालों को आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया जाएगा। यह सजा उन अपराधियों पर लागू होगी। जो झूठी कॉल या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए धमकी फैलाते हैं। इसके अलावा ऐसे अपराधियों को नो-फ्लाई सूची में भी शामिल किया जाएगा। जिससे वे भविष्य में उड़ानों में सवार नहीं हो सकेंगे।
यह निर्णय हाल के सप्ताहों में हुई कई झूठी बम धमकियों के बाद लिया गया है। जिनसे हवाईअड्डों पर भारी परिचालन बाधाएं उत्पन्न हुईं और यात्रियों के बीच व्यापक चिंता पैदा हुई। इस कदम का उद्देश्य हवाई अड्डों और उड़ानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अनावश्यक घबराहट और व्यवधानों को रोकना है।

विमानन सुरक्षा कानून में संशोधन की दिशा में कदम
मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित संशोधन नागरिक उड्डयन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों के दमन अधिनियम 1982 तक विस्तारित होंगे। इसमें उड़ान संचालन को किसी भी तरह के खतरे या व्यवधान से बचाने के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस दिशा में गृह मंत्रालय और अन्य सरकारी निकायों के साथ मिलकर काम कर रहा है। ताकि सुरक्षा कानूनों को और मजबूत किया जा सके। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो इन चर्चाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जो विमानन क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
फर्जी बम धमकियों से विमानन परिचालन प्रभावित
हाल के दिनों में विभिन्न एयरलाइनों की 100 से अधिक उड़ानों को बम की झूठी धमकियों का सामना करना पड़ा। जिनमें से 20 अक्टूबर को अकेले 25 उड़ानों को निशाना बनाया गया था। इन धमकियों के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। जिससे हवाई अड्डों पर परिचालन में देरी और व्यापक सुरक्षा जांच की आवश्यकता पड़ी।
सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, BCAS और केंद्रीय गृह सचिव के साथ मिलकर उच्च स्तरीय बैठकें की। इन बैठकों में इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए मजबूत विधायी उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सरकार का दृढ़ संकल्प और जनता को आश्वासन
केंद्रीय मंत्री नायडू ने आतंकवादी पहलूओं पर अटकलें लगाने से बचते हुए झूठी धमकियों के मामलों की गंभीरता को रेखांकित किया और कड़े दंड को लागू करने के सरकार के इरादे को दोहराया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई खतरा सामने आता है तो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मौजूदा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता है।
MOCA के संयुक्त सचिव असंगबा चुबा एओ ने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालय बम की अफवाहों के प्रभाव को कम करने के लिए पर्याप्त उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है। विमानन क्षेत्र इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है। जिसका सबूत सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी धमकियों के लिए जिम्मेदार अकाउंट को ब्लॉक करने जैसी त्वरित कार्रवाइयों में देखा जा सकता है।
हवाई यात्रा की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
भारत के विमानन क्षेत्र को इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित विधायी संशोधन आवश्यक हैं। आजीवन कारावास और नो-फ्लाई सूची के प्रावधानों का उद्देश्य उन अपराधियों को कड़ी सजा देना है। जो अनावश्यक भय और व्यवधान उत्पन्न करते हैं। यह कदम यात्रियों, विमानन कर्मियों और हवाईअड्डों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ताकि भारतीय विमानन क्षेत्र को और अधिक सुरक्षित और संरक्षित बनाया जा सके।












Click it and Unblock the Notifications