अब उड्डयन मंत्रालय ने विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए जारी किए दिशानिर्देश, एयरपोर्ट पर होगा रैंडम टेस्ट
रैंडम टेस्ट के बाद यात्री को हवाईअड्डा स्वास्थ्य अधिकारियों (एपीएचओ) हवाई अड्डे के अधिकारियों को सही संपर्क और पता विवरण प्रस्तुत करना होगा।

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दुनिया में तेजी से फैल रहे कोरोना ने एक बार फिर भारत को डरा दिया है। भारत सरकार ने कोविड19 को गंभीरता से लेते हुए हाई लेवल की मीटिंग की। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के विदेश से आने वाले यात्रियों के दिशानिर्देश के बाद शुक्रवार को नागरिक उड्डयन मंत्री ने भी बड़ा कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि शनिवार से विदेश से आने वाले सभी यात्रियों का एयरपोर्ट पर रैंडम कोरोना टेस्ट किया जाएगा। एयरलाइंस के क्रू मेंबर्स को ऐसे पहचाने गए यात्रियों को हवाई अड्डे पर टेस्टिंग फैसिलिटी में लाना होगा।
दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोनावायरस के मामले को देखते हुए सरकार ने शनिवार सुबह से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आने वाले यात्रियों में से 2 प्रतिशत का रैंडम टेस्ट करने का फैसला किया है। हवाई अड्डे के संचालक अपने संबंधित हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय आगमन यात्रियों के रैंडम टेस्ट की सुविधा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करेंगे। रैंडम टेस्ट के बाद यात्री को हवाईअड्डा स्वास्थ्य अधिकारियों (एपीएचओ) हवाई अड्डे के अधिकारियों को सही संपर्क और पता विवरण प्रस्तुत करना होगा।
एपीएचओ को विधिवत प्रमाणित बिल जमा करने पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा परीक्षण की लागत की प्रतिपूर्ति की जाएगी। संबंधित एयरलाइंस प्रत्येक उड़ान में ऐसे यात्रियों की पहचान करेंगी, जो अलग-अलग देशों से हों। ऐसे यात्री सैंपल देने के बाद एयरपोर्ट से निकल सकते हैं।
बता दें कि यह दिशानिर्देश 24 दिसंबर से प्रभावी होगा। हवाई अड्डे पर आगमन पर कोविड परीक्षण से गुजरने के लिए उड़ान में कुल यात्रियों का 2 प्रतिशत ऐसे यात्रियों को सैंपल देने के बाद एयरपोर्ट से जाने दिया जाएगा। एयरलाइन द्वारा ऐसे यात्रियों की पहचान की जाएगी, जिन्हें सैंपल देने के बाद एयरपोर्ट से जाने दिया जाएगा। सकारात्मक परीक्षण करने वाले नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा।
वहीं, पीएम मोदी की हाई लेवल मीटिंग में गृहमंत्री अमित शाह के अलावा स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल साइंस से जुड़े दिग्गज भी शामिल हुए। बैठक के दौरान पीएम ने आग्रह किया कि लोग भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहने। उन्होंने कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने और जीनोमिक सीक्वेंसिंग पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि विशेष रूप से कमजोर और बुजुर्ग लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए 'एहतियात खुराक' लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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