मंत्री बनते ही सिंधिया को मिला ये खास 'टास्क', हाईकोर्ट ने कहा- 'पहला काम यही होना चाहिए'
मंत्री बनते ही सिंधिया का मिला ये खास 'टास्क', हाईकोर्ट ने कहा- पहला काम यही होना चाहिए
नई दिल्ली, 10 जुलाई: कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया है और मंत्री बनते ही सिंधिया को बॉम्बे हाईकोर्ट ने पहला काम भी सौंप दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय हवाई अड्डों के नामकरण और नाम बदलने को लेकर एक पॉलिसी तैयार करे। दरअसल हवाई अड्डों के नामकरण को लेकर एडवोकेट फिल्जी फ्रेडरिक ने एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसपर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को यह निर्देश दिया।

अपने निर्देश में हाईकोर्ट ने क्या कहा
याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह से कहा, 'अगर आपके पास ड्राफ्ट स्टेज में कोई नई पॉलिसी है, तो तुरंत उसे लागू कीजिए। अब आपके पास मंत्रियों की एक नई टीम है। यह नागरिक उड्डयन मंत्रालय का काम है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का सबसे पहला काम यही होना चाहिए।'

हाईकोर्ट ने किया 24 जून को जुटी भीड़ का जिक्र
हाईकोर्ट ने आगे कहा, 'हम जानता चाहते हैं कि इस संबंध में ड्राफ्ट पॉलिसी की मौजूदा स्थिति क्या है। इसे लेकर हमने पिछले महीने ही राज्य सरकार को भी एक काम सौंपा था, क्योंकि करीब 25 हजार लोगों की एक भीड़ जमा थी और कोरोना वायरस संबंधी नियमों का उल्लंघन हो रहा था। हम कैसे इसे होने दे सकते हैं।' दरअसल हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में 24 जून को जमा हुई उस भीड़ का जिक्र किया, जिसमें लोगों ने मांग की थी कि नवी मुंबई में बनने वाले हवाई अड्डे का नाम दिवंगत सांसद डीबी पाटिल के नाम पर रखा जाए। लोगों का कहना था कि डीबी पाटिल ने इस प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी।

16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
आपको बता दें कि पिछले महीने ही महाराष्ट्र सरकार और राज्य सरकार की टाउन प्लानिंग एंजेसी 'सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिडको)' ने कहा था कि नवी मुंबई में बनने वाले हवाई अड्डे का नाम शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के नाम पर रखा जाएगा। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कहा कि 2016 में एक ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार की गई थी, जिसमें हवाई अड्डों का नाम व्यक्तियों के बजाय शहरों के नाम पर रखने की बात शामिल थी। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।












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