Chunavi Kisse: राजीव गांधी ने आखिर जिगरी यार अमिताभ को क्यों कहा था सांप? जानें पूरा किस्सा
Chunavi Kisse: लोकसभा चुनाव के अब सिर्फ 9 दिन शेष बच गए हैं। 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान होने जा रहे हैं। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवार लगभग सभी उतार दिए हैं। खास बात यह है कि इस बार फिल्मी जगत के कई चेहरों को चुनावी रण में उतारा गया है। जिसमें अहम नाम है 'बीजेपी उम्मीदवार कंगना रनौत' का।
यूं तो फिल्मी जगत का राजनीति से गहरा नाता रहा है। इससे पहले भी, कई फेमस बॉलीवुड चेहरों को राजनीति में शिरकत करते देखा गया है। लेकिन, इसमें सबसे अहम नाम सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन का है। हालांकि, चार साल में ही अमिताभ बच्चन का राजनीति से मोहभंग हो गया था। जिसके बाद उनके जिगरी यार राजीव गांधी ने उन्हें सांप से संबोधित कर दिया। आइए जानते हैं 37 साल पुराना वो चुनावी किस्सा...

बात 1984 के लोकसभा चुनाव की है। कांग्रेस ने 542 में से 415 सीटें जीती और राजीव गांधी सबसे मजबूत सरकार के प्रधानमंत्री बने। उधर, राजीव गांधी के करीबी और दोस्त अमिताभ बच्चन कांग्रेस के टिकट पर यूपी के पूर्व सीएम कद्दावर नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को हराकर इलाहाबाद से सांसद बने। लेकिन, उन्हें राजनीति का स्वाद ज्यादा रास नहीं आया और चौथे साल ही यानी 1987 में संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
एक वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने अपनी किताब 'वीपी सिंह, चंद्रशेखर, सोनिया गांधी और मैं' में इसके पीछे की वजह को उजागर किया है। साल 1987 में बोफोर्स तोप घोटाला सामने आया। जिसमें इलाहाबाद से सांसद व अभिनेता अमिताभ और उनके भाई अजिताभ का नाम उभरा। घोटाले में नाम आने से अमिताभ को लेकर लगातार तरह-तरह की बातें मीडिया पर आने लगी। जिसके कारण अमिताभ ने इस्तीफे का मन बना लिया।
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अमिताभ के लिए तेजी बच्चन ने की थी विदेश मंत्रालय की मांग
संतोष भारतीय बताते हैं कि अमिताभ के इस्तीफे की प्लानिंग के बारे में जैसे ही राजीव गांधी को जानकारी हुई। उन्होंने अमिताभ से इस्तीफा न देने की गुजारिश की। इसके एक दिन बाद राजीव गांधी से मिलने अमिताभ को लेकर उनकी मां तेजी बच्चन पहुंची। तेजी बच्चन ने अमिताभ के इस्तीफे को रोकने के लिए विदेश मंत्रालय की मांग की। तेजी बच्चन की मांग सुनकर राजीव गांधी सन्न रह गए और टकटकी लगाकर देखने लगे।
राजीव के पतन के बाद वीपी सिंह बने पीएम
हालांकि, बात नहीं बनी और अमिताभ ने इस्तीफा दे दिया। इलाहाबाद सीट पर उप चुनाव हुए और वीपी सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार सुनील शास्त्री को बड़े अंतर से हरा दिया। इसके बाद सभी छोटी-छोटी पार्टियों ने मिलकर वीपी सिंह के नेतृत्व में जनता दल का गठन किया। साल 1989 में लोकसभा के चुनाव हुए। जिसमें वीपी सिंह के रूप में देश को अपना आठवां प्रधानमंत्री मिला।
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राजीव ने क्यों कहा जिगरी यार को सांप?
संतोष भारतीय के मुताबिक, वीपी सिंह के पीएम बनने के बाद राजीव गांधी पीएम निवास छोड़ 10 जनपथ में रहने लगे थे। एक रोज अमिताभ बच्चन उसने मिलने पहुंचे और करीब 10 मिनट बाद चले गए। अमिताभ के जाने के बाद राजीव गांधी ने कहा था कि यह सांप है। संतोष भारतीय के मुताबिक, कमरे में उस वक्त राजीव के साथ एक पत्रकार और एक बच्चा मौजूद था। जिसने यह जानकारी उन्हें दी थी।












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