Premanand Maharaj Health: 43°C की प्रचंड गर्मी में तबीयत बिगड़ी, पदयात्रा-दर्शन कब तक बंद? क्या हुई दिक्कत?
Premanand Maharaj Health Update: जहां राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला का अमर गान गूंजता है, वहां के लाखों भक्तों के लिए एक दुखद खबर आई है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज (प्रेमानंद महाराज) की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचते तापमान की इस प्रचंड गर्मी में उनकी शारीरिक कमजोरी बढ़ गई, जिसके चलते केली कुंज आश्रम से शुरू होने वाली उनकी प्रसिद्ध सुबह की पदयात्रा और एकांतिक दर्शन को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है।
यह फैसला भक्तों के लिए झटका सा है, लेकिन यह उनकी लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य चुनौतियों का हिस्सा है। आश्रम प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, आश्रम या सड़कों पर भीड़ न लगाएं और महाराज जी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें। भक्तों का भरोसा है कि राधा रानी की कृपा से वे जल्द ही फिर से भक्तों के बीच आएंगे।

17 मई रात का वो पल जब दर्शन रद्द हुए
पिछले कुछ दिनों से महाराज जी अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। रविवार यानी 17 मई की रात को स्थिति और स्पष्ट हो गई। रोज की तरह हजारों-लाखों भक्त केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक पदयात्रा के लिए इकट्ठा हुए थे। सुबह 3 बजे महाराज जी निकलने वाले थे, लेकिन उनकी जगह उनके शिष्य लाउडस्पीकर लेकर पहुंचे।
शिष्यों ने घोषणा की कि महाराज जी की सेहत ठीक न होने के कारण आज की पदयात्रा रद्द की जा रही है। कृपया सड़कों पर भीड़ न लगाएं और अपने स्थानों पर लौट जाएं। भक्त निराश होकर लौट गए। यह पहली बार नहीं है, जब स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं, लेकिन इस बार गर्मी का असर साफ दिखा।
Premanand Maharaj की स्वास्थ्य स्थिति: 21 साल से किडनी की लड़ाई
महाराज जी पिछले 21 साल (लगभग 2006 से) से पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) से जूझ रहे हैं। यह एक आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी है जिसमें किडनी में तरल पदार्थ से भरे सिस्ट (cyst) बनते हैं। ये सिस्ट किडनी के सामान्य ऊतकों को नष्ट करते जाते हैं, जिससे किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होती है और अंत में किडनी फेलियर हो जाता है।
ADPKD (Autosomal Dominant Polycystic Kidney Disease) सबसे आम प्रकार है। इसमें दोनों किडनियां प्रभावित होती हैं। लक्षणों में थकान, सूजन, कमजोरी, उच्च रक्तचाप, पीठ या पेट में दर्द शामिल हैं। महाराज जी की दोनों किडनियां अब पूरी तरह काम करना बंद कर चुकी हैं। वे डायलिसिस पर निर्भर हैं।
- पहले सप्ताह में 5 दिन डायलिसिस होता था।
- अब स्थिति के अनुसार दैनिक या लगभग रोजाना लंबे सत्र (5-6 घंटे) किए जाते हैं, जो आश्रम में ही होते हैं।
- हाल के वीडियो में उनके चेहरे पर सूजन और लालिमा दिखी, जो किडनी फेलियर के सामान्य संकेत हैं।
फिर भी, महाराज जी ने भक्तों के किडनी डोनेट करने के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे दूसरों को दर्द नहीं देना चाहते। अपने प्रवचनों में वे खुलकर कहते हैं कि दोनों किडनी फेल हैं, अब ठीक होने को क्या बचा है? जब राधा रानी चाहेंगी, तब तक यह शरीर चलेगा। यह बीमारी घातक हो सकती है, लेकिन महाराज जी की आस्था और अनुशासन उन्हें मजबूत बनाए हुए है। डॉक्टरों के अनुसार, डायलिसिस के साथ स्वस्थ आहार, दवाएं और मानसिक शांति से जीवन लंबा खींचा जा सकता है।
महाराज जी की दैनिक दिनचर्या: सादगी और सेवा का अनुपम उदाहरण
महाराज जी रोज तड़के 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक लगभग 1.5 किलोमीटर पदयात्रा करते थे। दोनों तरफ सड़क पर भक्त खड़े रहते। आम दिनों में 15-20 हजार, वीकेंड या पर्वों पर लाखों भक्त आते। अधिकमास जैसे अवसर पर भीड़ और बढ़ जाती है। पदयात्रा के दौरान वे भक्तों को दर्शन देते, आशीर्वाद देते और कभी-कभी छोटी बातचीत भी। यह उनके लिए सिर्फ व्यायाम नहीं, भक्ति का माध्यम था। गर्मी, कमजोरी के बावजूद वे जारी रखे, लेकिन अब डॉक्टरों और आश्रम की सलाह पर रोक लगाई गई है।
Who Is Premanand Maharaj: कौन हैं प्रेमानंद महाराज?
प्रेमानंद महाराज का जन्म 30 मार्च 1969 (वर्तमान में लगभग 57 वर्ष), को यूपी के कानपुर जिले के नरवल तहसील स्थित अखरी गांव में हुआ है। इनके परिवार में पिता, शंभू नारायण पांडे, मां रामा देवी और तीन भाई हैं। प्रेमानंद महाराज का असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है और भाइयों में मंझले हैं। बचपन से आध्यात्मिक में रूचि रही। कक्षा 8 तक पढ़ाई की। शिव मंदिर के लिए चबूतरा बनाने की कोशिश में बाधा पड़ी तो मन टूटा और घर छोड़ दिया। कानपुर होते हुए काशी पहुंचे।
13 साल की उम्र में ब्रह्मचारी बनने का फैसला। काशी में 15 महीने बिताए। गुरु गौरी शरण जी महाराज से दीक्षा। फिर मथुरा-वृंदावन पहुंचे। वृंदावन में राधा-वल्लभ सम्प्रदाय से जुड़े। श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण नाम मिला। वर्षों तक मधुकरी (भीख मांगकर) जीवन जिया, परिक्रमा की, बैंकेबिहारी और राधा-वल्लभ के दर्शन किए। आज उनका श्री हित राधा केली कुंज आश्रम वृंदावन का प्रमुख केंद्र है। उनके प्रवचन भक्ति-रस, प्रेम, सादगी और कृष्ण-भक्ति पर केंद्रित हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो लाखों-करोड़ों में वायरल होते हैं।
भक्तों की भीड़ और VIP श्रद्धालु
- आम भक्त: देश-विदेश से आते हैं। घंटों इंतजार करते हैं।
- प्रसिद्ध हस्तियां: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, RSS प्रमुख मोहन भागवत, विराट कोहली-अनुष्का शर्मा (कई बार आए), बॉलीवुड सितारे जैसे अशुतोष राणा, हेमा मालिनी, मीका सिंह, बी प्राक आदि। विराट-अनुष्का अक्सर आशीर्वाद लेने आते हैं। महाराज जी सभी को समान मानते हैं, कोई VIP ट्रीटमेंट नहीं।
PKD बीमारी पर विस्तार से समझें
पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज क्या है?
- जेनेटिक म्यूटेशन से होता है।
- किडनी में सैकड़ों सिस्ट बनते हैं। किडनी बड़ा हो जाती है। फिल्ट्रेशन क्षमता घटती है।
- जटिलताएं: हाई BP, हार्ट प्रॉब्लम, लिवर सिस्ट, ब्रेन एन्यूरिज्म (दुर्लभ)।
- इलाज: कोई पूर्ण इलाज नहीं। BP कंट्रोल, डायलिसिस, ट्रांसप्लांट (महाराज जी ने मना किया)।
- भारत में लाखों लोग इससे प्रभावित। जागरूकता जरूरी।
प्रेमानंद महाराज का जीवन सादगी, भक्ति और सेवा का प्रतीक है। 43°C गर्मी हो या स्वास्थ्य चुनौती, उनकी आस्था अटूट है। भक्तों को चाहिए कि धैर्य रखें, प्रार्थना करें और उनकी शिक्षाओं पर अमल करें। राधे राधे। महाराज जी को शीघ्र आरोग्य की कामना।













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