Chunavi Kisse: अटल जी की सभा में 'सांप' से मची थी भगदड़,1996 की इसी रैली में किया वादा, जिसने बदला UP का भूगोल
Lok Sabha Election Chunavi Kisse: देश में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज है। भाजपा जहां '400 पार' के नारे के साथ मैदान में है तो दूसरी तरफ विपक्ष का सबसे बड़ा इंडिया गठबंधन (India Alliance) भी पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ रहा है। प्रचार और रैलियों का दौर जारी है। ऐसे ही एक रैली में अजीब सी घटना घटी, उस वक्त अटल जी की सभा में 'सांप' छोड़ दिए गए थे।
भारत में चुनाव के जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जो आज भी रोचकता पैदा कर देते हैं। अमिताभ के लिए चाहे लड़कियों की दीवानगी हो या फिर अटल का किया रैली में वो वादा, जिसमें यूपी की पूरा भूगोल बदल दिया हो।

ऐसे में आज के चुनावी किस्से में आपको भाजपा नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की उसी रैली के बारे में बताएंगे, जब भरी सभा में 'सांप' छोड़े दिए गए और लोगों में भारी भगदड़ मच गई थी।
1996 की वो रैली, जब वाजपेयी...
ये बात 1996 के लोकसभा चुनाव की है। जब भाजपा सत्तारूढ़ कांग्रेस सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कड़ी मेहनत के साथ प्रचार और प्रसार को धार दे रही थी। कभी 1984 के आम चुनावों में महज 2 सीटें जीतने वाली भाजपा 96 के चुनावों में कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही थी।
उस वक्त अविभाजित उत्तर प्रदेश के देहरादून में अटल बिहारी वाजपेयी की सभा प्रस्तावित थी। उत्तराखंड की मांग के साथ आंदोलनकारियों का जबरदस्त हंगामा हो रहा था। 1996 के उस लोकसभा चुनाव में राज्य आंदोलनकारियों ने 'राज्य नहीं तो चुनाव नहीं' का नारा दिया।
चुनावी रैली में जबरदस्त बवाल, तोड़फोड़
इसी के साथ देहरादून में बनाए गए सभी स्वागत द्वार को नुकसान पहुंचा गया। चुनावी रैली में जबरदस्त बवाल देखने को मिला। आलम यह था कि अटल बिहारी को संदेश भेजा गया कि वह रैली स्थगित कर दें, लेकिन वाजपेयी कहां मानने वाले थे।
यह वो दौर था, जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग तेज हो रही थी। इसके लिए आंदोलन बढ़ता ही जा रहा था। अपनी मांग पूरा कराने के लिए पहाड़ के आंदोलनकारी लोकसभा चुनाव का ही विरोध करने लगे। इस चुनाव में भाजपा की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री उम्मीदवार थे। और देहरादून के परेड ग्राउंड में उनकी रैली होनी थी।
राज्य की मांग को लेकर उस दिन सुबह से हंगामा जारी था और बवाल के बीच अटल बिहारी सभास्थल पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन और बढ़ गया। लोगों की भारी भीड़ के बीच किसी ने 'सांप' छोड़ दिए, जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। हालांकि वो सांप रबड़ के थे, जिसके हंगामे के रूप में आंदोलनकारियों ने अंजाम दिया था।
फिर इसी रैली से किया ऐसा वादा, जो बाद में निभाया
हंगामा इतना हो गया था कि रैली में लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज तक करना पड़ा। यहां तक कई लोगों को चोटें तक आई। इसी रैली से फिर मंच से वाजपेयी ने कहा था कि राज्य की जनता उनकी झोली में पांचों सीट डाल दे, बदले में वह राज्य बनाने का वादा करते हैं। हुआ भी वैसा ही और 1996 के चार साल बाद 2000 में उत्तराखंड के रूप में अलग राज्य बन गया।












Click it and Unblock the Notifications