Chip Based E-passports: भारत में लॉन्च हुआ हाईटेक ई-पासपोर्ट, बदलेगा सफर का अनुभव! पहले से कितना है अलग?
Chip Based E-Passports: विदेश यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब भारतीय पासपोर्ट भी तकनीक के नए युग में प्रवेश कर चुका है। भारत सरकार ने ई-पासपोर्ट की शुरुआत कर दी है, जो पारंपरिक पासपोर्ट को आधुनिक सुरक्षा फीचर्स के साथ जोड़ता है। यह ई-पासपोर्ट दिखने में भले ही सामान्य लगे, लेकिन इसके अंदर मौजूद तकनीक इसे बेहद खास बनाती है।
अब पासपोर्ट में RFID चिप, खास एंटीना और डिजिटल सुरक्षा तकनीकें मौजूद होंगी, जो न सिर्फ आपके डाटा को सुरक्षित रखेंगी, बल्कि फर्जी पासपोर्ट जैसे खतरों से भी बचाएंगी। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में आपकी पहचान जल्दी और भरोसे के साथ की जा सकेगी।

ई-पासपोर्ट की शुरुआत पायलट प्रोग्राम के तहत कुछ चुनिंदा शहरों से की गई है और आने वाले समय में इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। यह पहल भारत को वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से मजबूत और स्मार्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स वाले देशों की सूची में लाने की दिशा में एक अहम कदम है।
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पायलट प्रोग्राम के तहत हुई शुरुआत
ई-पासपोर्ट की शुरुआत पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP) वर्जन 2.0 के तहत 1 अप्रैल 2024 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, देश के कई क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में इसकी सुविधा दी जा रही है।
इन शहरों में मिल रहे हैं ई-पासपोर्ट
नागपुर, भुवनेश्वर, जम्मू, गोवा, शिमला, रायपुर, अमृतसर, जयपुर, चेन्नई, हैदराबाद, सूरत और रांची जैसे शहरों में ई-पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं। जल्द ही इसे और राज्यों और शहरों में भी शुरू किया जाएगा।
तमिलनाडु में हुई बड़ी शुरुआत
तमिलनाडु में ई-पासपोर्ट जारी करने की शुरुआत 3 मार्च 2025 को चेन्नई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से हुई थी। सिर्फ 19 दिनों में राज्य में 20,729 ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं, जो इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
कैसा दिखता है ई-पासपोर्ट?
ई-पासपोर्ट में एक खास RFID चिप और एंटीना लगा होता है, जो कवर के नीचे गोल्डन रंग के निशान से पहचाना जा सकता है। यह आम पासपोर्ट से अलग दिखता है और इसमें उन्नत सुरक्षा तकनीक शामिल होती है।
डाटा सुरक्षा और पहचान में मजबूती
इस पासपोर्ट में पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिससे पासपोर्ट धारक की व्यक्तिगत और बायोमेट्रिक जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। इससे फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी और सीमा जांच के दौरान भी पासपोर्ट की पहचान पक्की की जा सकेगी।
पुराने पासपोर्ट भी रहेंगे मान्य
हालांकि ई-पासपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि सभी को नया पासपोर्ट बनवाना पड़े। जिन लोगों के पास पुराने पासपोर्ट हैं, वे उनकी समाप्ति तिथि तक पूरी तरह वैध रहेंगे।
ई-पासपोर्ट से जुड़े फायदे
- मजबूत सुरक्षा
- फर्जी पासपोर्ट की संभावना कम
- तेज़ और सुरक्षित सीमा जांच
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिजाइन
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