मौत को छूकर टक से वापस आने वाला दिग्गज बना टीम इंडिया का कोच, अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में मिला जिम्मा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों और घरेलू सत्र को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया के सहयोगी स्टाफ में एक बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए एक अत्यंत अनुभवी और विशेषज्ञ स्पिन गेंदबाजी कोच की तलाश पूरी कर ली है। इस महत्वपूर्ण रणनीतिक पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक ऐसे पूर्व खिलाड़ी को चुना गया है, जिसने भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में अपनी फिरकी के दम पर दशकों तक जबरदस्त दबदबा बनाए रखा था।

पूर्व लेग स्पिनर साईराज बहुतुले को टीम इंडिया का नया स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है, और उनकी यह भूमिका अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले आगामी घरेलू टेस्ट में काम करेंगे। वह अब मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले एक बेहद मजबूत और संतुलित कोचिंग समूह का हिस्सा बन चुके हैं।

Sairaj Bahutule

इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेष सहयोगी दल में बहुतुले के साथ तेज गेंदबाजी कोच के रूप में मोर्ने मोर्कल, बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक, सहायक कोच रयान टेन डोएशेट और फील्डिंग कोच के पद पर टी दिलीप शामिल हैं। भारतीय टीम से जुड़ने से पहले बहुतुले आईपीएल फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स के साथ कार्यरत थे।

शानदार घरेलू करियर और अनुभव

बहुतुले का भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक लंबा, समर्पित और बेहद प्रभावी अनुभव रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए दो टेस्ट और आठ वनडे मैच खेलने के साथ ही घरेलू क्रिकेट में मुंबई की तरफ से खेलते हुए अपनी जादुई फिरकी से कुल 630 प्रथम श्रेणी विकेट चटकाए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने निचले मध्यक्रम में एक कुशल बल्लेबाज की भूमिका निभाते हुए 6100 से ज्यादा रन भी बनाए हैं, जिसमें कई बेहतरीन शतकीय और अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। यही वजह है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों ने खुद व्यक्तिगत रूप से उनसे इस पद के लिए संपर्क किया था।

कोचिंग और अकादमी का सफर

वह बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में साढ़े तीन साल तक स्पिन गेंदबाजी कोच के पद पर रहकर देश की युवा प्रतिभाओं को निखारने का कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने घरेलू स्तर पर बंगाल, गुजरात, विदर्भ और केरल जैसी मजबूत राज्य टीमों के मुख्य कोच के रूप में भी लंबा वक्त बिताया है। राष्ट्रीय टीम के साथ भी वह राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन में लगभग दस अलग-अलग दौरों पर अंतरिम भूमिका निभा चुके हैं। साल 2024 के अंत में हुए दक्षिण अफ्रीका के सीमित ओवरों के दौरे पर भी वह भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

भयानक हादसा और कोमा से वापसी

साईराज बहुतुले के जीवन में सत्रह वर्ष की उम्र में एक बेहद भयानक और दर्दनाक कार दुर्घटना हुई थी। इस भीषण सड़क हादसे में उन्होंने अपने सबसे करीबी दोस्त विवेक सिंह को हमेशा के लिए खो दिया था, जो देश के मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह के इकलौते बेटे थे। बहुतुले खुद भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर कई दिनों के लिए कोमा में चले गए थे। डॉक्टरों ने यहां तक आशंका जताई थी कि वह शायद जीवन में कभी सामान्य रूप से चल भी नहीं पाएंगे। लेकिन उन्होंने इस मानसिक त्रासदी, गहरे सदमे और शारीरिक चुनौतियों से बहादुरी से लड़कर न केवल वापसी की बल्कि महान क्रिकेटर बनकर दिखाया।

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