चार राज्यों के साथ तेलंगाना चुनाव की खबरों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया गलत
नई दिल्ली। तेलंगाना राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उस रिपोर्ट के सिरे से खारिज कर दिया है कि जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य का विधानसभा चुनाव मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और छत्तीसगढ़ के साथ ही करवाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से तथ्यहीन है, इसमें किसी भी तरह से कोई सच्चाई नहीं है। इसके साथ-साथ उन्होंने प्रेस और मीडिया हाउस को भी ऐसे रिपोर्ट से बचने का सलाह दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई खबर है भी तो मीडिया हाउस सीधे विभागीय अधिकारी से बात कर सकते हैं।

8 महीने पहले ही भंग हो गई विधानसभा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस्तीफा देकर विधानसभा भंग कर दिया है। उनके इस्तीफे को राज्यपाल ने स्वीकार भी कर लिया है। सीएम के इस्तीफे के बाद से ही राज्य में राजनीतिक हलचलें तेज हो गई है। बता दें कि मुख्यमंत्री केसीआर ने 8 महीने पहले ही इस्तीफा दे दिया और विधानसभा भंग करा दिया। इसके बाद से राज्य में विधानसभा चुनाव की को लेकर चर्चाए भी तेज हो गई है। अब देखना है कि यहां चुनाव कब कराया जाता है। लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से प्रचार में दम लगा दी है।
राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
राष्ट्रपति शासन की मांग इन तमाम दलों ने एकजुट होकर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि जबतक प्रदेश में विधानसभा चुनाव का समय नहीं आ जाता है तब तक यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। इस बाबत टीडीपी, कांग्रेस, तेलंगाना जन समिति और सीपीआई के नेताओं ने राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से मुलाकात की और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के अनुसार यह महागठबंधन आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव की राह तय करेगा और हम एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव में भी मैदान में उतरेंगे।
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