भूपेश बघेल की नरेंद्र मोदी चिट्ठी, नागरिकता कानून वापस लेने की अपील
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी से हाल ही में संसद से पास हुए नागिरकता संसोधन कानून को वापस लेने की मांग की है। बघेल ने इसको लेकर मोदी को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार का नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 हमारे संविधान की मूल भावना के विपरीत है। ऐसे में आपसे इसे वापस लेने का आग्रह करता हूं।

बघेल ने अपने पत्र में लिखा है- जहां एक ओर इस अधिनियम का वर्तमान संशोधन धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों का विभेद करता प्रतीत होता है, वहीं भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 के विपरीत होने का संकेत दे रहा है। दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देशों, जैसे- श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल और भूटान इत्यादि देशों से आने वाले प्रवासियों के संबंध में इस अधिनियम में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है।
पत्र में कहा गया है- छत्तीसगढ़ राज्य में इस अधिनियम के विरूद्ध काफी विरोध प्रदर्शन देखे गए, जिसमें प्रदेश के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। छत्तीसगढ़ में ज्यादातर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के निवासी हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में गरीब, अशिक्षित एवं साधनविहीन हैं। ऐसे में इन लोगों को इस अधिनियम की औपचारिकता को पूर्ण करने में कठिनाइयों का निश्चित रूप से सामना करना पड़ सकता है। जनमानस में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, गरीब तबके व असाक्षर लोगों को असुविधा न हो, देश में शांति बनी रहे और संविधान की मूल अवधारणा सुरक्षित रहे, इन सबको देखते हुए सीएए को वापस लिए जाने का प्रदेशवासियों की ओर से आपसे अनुरोध है।
दिसंबर, 2019 में संसद ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम पास किया है। जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिन्दू, सिख, पारसी, ईसाई, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों को नागिरकता देने का प्रावधान है। इस कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले संगठनों और लोग धर्म आधारित नागिरकता को संविधान की बुनियाद के खिलाफ कह रहे हैं।












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