Bihar News: पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी सहयोग शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें: मुख्यमंत्री
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिलाधिकारियों को जन समस्याओं को 30 दिनों के भीतर हल करने, पारदर्शी शासन पर जोर देने, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। योजना में दैनिक जन सुनवाई, सीसीटीवी निगरानी, और सेवा वितरण में सुधार के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक पहलों को लक्षित करना शामिल है।
बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि पंचायत स्तर पर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को त्वरित न्याय और सेवा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पटना में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला और समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तभी प्रभावी दिखेगा जब उसका लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें। साथ ही कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से उतारने पर जोर दिया।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में व्यवस्थित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने "पुलिस दीदी" पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने शराबबंदी कानून के सख्त पालन पर जोर देते हुए अवैध शराब कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संलिप्त या संरक्षण देने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने ब्लॉक, अंचल और थानों में सीसीटीवी लगाने तथा इन इकाइयों की प्रतिदिन रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि "लटकाने-भटकाने" की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए और अधिकारी जनता के सहयोगी के रूप में काम करें।
विकास कार्यों को गति देने के लिए सभी जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है और उद्योगों को सुरक्षा व सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक रेफरल की प्रवृत्ति खत्म की जाए। उन्होंने 1 जुलाई तक सभी जिला अस्पतालों और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों को उन्नत करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित करने और उन्हें Netarhat Residential School और Simultala Awasiya Vidyalaya की तर्ज पर उत्कृष्ट बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करते हुए बिहार को विकास और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाएं।












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