बेहद खास है तमिलनाडु की मिट्टी, चंद्रयान 3 की सफलता में हैं बहुत बड़ा योगदान
Chandrayaan 3: चंद्रमा पर भारत ने सॉफ्ट लैंडिंग करके इतिहास रच दिया है। इस मिशन में तमिलनाडु की भूमिका काफी अहम रही है। तमिलनाडु की मिट्टी ने देश को कई शीर्ष वैज्ञानिक दिए हैं। जिसमे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम, चंद्रयान-2 मिशन के डायरेक्टर मइलसामी अन्नादुरई, चंद्रयान 3 के प्रोजेक्ट के डायरेक्टर पी वीरमुथुवेल हैं, जिन्होंने इसरो के मिशन में काफी बड़ा योगदान दिया है।
लेकिन इन महान वैज्ञानिकों को जन्म देने वाली तमिलनाडु की मिट्टी भी वास्तविक रूप में इसरो के लिए काफी कारगर साबित हुई है। तमिलनाडु की मिट्टी ने ना सिर्फ महान वैज्ञानिक दिए बल्कि तमिलनाडु की मिट्टी ने चंद्रयान मिशन में अहम भूमिका निभाई है।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से तकरीबन 400 किलोमीटर दूर नमक्कल से इसरो के चंद्रयान मिशन की टेस्टिंग के लिए मिट्टी मंगाई गई थी। इसकी बड़ी वजह यह है कि यहां की मिट्टी चांद की सतह की मिट्टी के समान है। इस मिट्टी के जरिए इसरो ने अपने लैंडर मॉड्यूल की टेस्टिंग की थी।
चंद्रयान मिशन के लिए तमिलनाडु की ओर से तीसरी बार मिट्टी की सप्लाई इसरो को की गई है। यह मिट्टी इसरो के बेंगलुरू स्थित हेडक्वार्टर पर भेजी गई थी जहां पर चांद पर मिशन के लिए लैंडर की टेस्टिंग की गई थी।
पेरियार यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर एस अंबजगन ने बताया कि नमक्कल इलाके में यह मिट्टी काफी मात्रा में है, लिहाजा इसरो को जब भी जरूरत होती है इस मिट्टी को भेजा जाता है।
हम लगातार जियोलॉजी से जुड़ी रिसर्च करते रहते हैं। तमिलनाडु में इस तरह की मिट्टी है जो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद मिट्टी के ही समान है। मून मिशन के ऐलान के बाद से ही हम इसरो को समय-समय पर मिट्टी भेज रहे हैं।
चंद्रयान 1 की सफलता के बाद वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करना था और चांद की सतह का परीक्षण करना था। चंद्रयान 1 का लक्ष्य चांद की कक्षा में पहुंचना था, चांद पर लैंडिंग करना इस मिशन में शामिल नहीं था।
चंद्रयान 2 मिशन में फैसला लिया गया कि लैंडर को चांद की सतह पर लैंड कराया जाएगा और यहां टेस्ट किया जाएगा। तकरीबन 50 टन मिट्टी इसरो के पास भेजी गई थी जोकि चांद की सतह पर मौजूद मिट्टी के समान थी।
कई तरह के टेस्ट के बाद यह पाया गया कि नमक्कल इलाके में पाई जाने वाली मिट्टी चांद पर मौजूद मिट्टी के समान है। प्रोफेसर ने कहा कि चंद्रयान 4 मिशन के लिए भी मिट्टी सप्लाई करने की हम तैयारी कर रहे हैं।












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