तोहफे में दिया गया था कोहिनूर, नहीं ला सकते वापस- केंद्र सरकार
नई दिल्ली। लंबे समय से हम यह सुनते और पढ़ते आ रहे हैं कि अंग्रेज हमारे देश से कोहिनूर हीरा ले गये। लेकिन सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट में दिये अपने बयान पर इस मामले पर जमी पर्त को हटा दिया है।

सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में साफ किया कि कोहिनूर हीरे को महाराजा रंजीत सिंह ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बतौर उपहार में दिया था। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि कोहिनूर को वापस लाने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं।
याचिका की सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कोहिनूर को लूटकर नहीं ले जाया गगया है, बल्कि 1849 में सिख युद्ध में हर्जाने के तौर पर इसे अंग्रेजो को दिया गया था। ऐसे में अगर कोहिनूर को वापस मांगा जाता है तो अन्य देश भी जो चीजें भारत के संग्रहालयों में रखी हैं वापस मांग सकते हैं। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि भारत ने कभी किसी देश को उपनिवेश नहीं बनाया है। कोर्ट ने छह हफ्तों के भीतर इस मामले में जवाब मांगा है।












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