मृत्यु के बाद भी जातिवाद, ओडिशा में इस नगर निकाय के शमशान पर होता है केवल ब्राह्मणों का अंतिम संस्कार
हमारा देश भारत इतनी तरक्की कर चुका है लेकिन अभी भी जातिवाद चरम पर है। ओडिशा का एक शमशान ऐसी ही सच्चाई बयान कर रही है। मृत्यु के बाद भी यहां पर अंतिम संस्कार तक पर जातिवाद हो रहा है। आपको ये जानकार ताज्जुब होगा कि इस श्मशान घाट का संचालन ओडिशा के नागरिक निकाय द्वारा किया जा रहा है। इस शमशान घाट पर केवल ब्राह्मणों के शवों का अंतिम संस्कार किया जाता है। जिस कारण इस शमशान इन दिनों जमकर आलोचना हो रही है।

115 साल पुरानी केंद्रपाड़ा नगर पालिका, जो पूर्वी राज्य का सबसे पुराना नागरिक निकाय है, वो शहर के हजारीबगीचा इलाके में ये शमशान संचालित कर रहा है। इस शमशान के प्रवेश द्वार पर ब्राह्मण श्मशान का बोर्ड तक भी लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार हालांकि श्मशान का उपयोग लंबे समय से ब्राह्मणों के अंतिम संस्कार करने के लिए किया जा रहा था, लेकिन सरकारी अनुदान के साथ सुविधा के नवीनीकरण के बाद हाल ही में आधिकारिक साइन बोर्ड लगाया गया था।
सीपीआई (एम) जिला इकाई के सचिव गयाधर धल ने कहा कि
केवल ब्राह्मणों के लिए संचालित हो रहा ये शमशान सभी जातियों के लोगों को संविधान के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का सीधा सीधा उल्लंघन करता है। इसके अलावा केवल ब्राह्मणों के लिए अलग श्मशान भूमि आवंटित करना जातिगत असमानता को बढ़ावा देना है।
हालांकि कि उन्होंने बताया अन्य जातियों के लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार पास के एक अन्य शमशान में किया जाता है।
केंद्रपाड़ा नगर पालिका जहां केलव ब्राह्मणों के लिए एक स्पेशल शमशान संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुरी में 'स्वग्रह द्वार' दहन घाट पर ऐसा कोई भेदभाव नहीं किया जाता है, वहां पर हर जाति के शवों का अंतिम संस्कार होता है।












Click it and Unblock the Notifications