• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

गलवान में टैंक हादसे में युवा कैप्‍टन दीक्षांत थापा शहीद, इस साल लद्दाख में अब तक 23 सैनिक शहीद

|

नई दिल्‍ली। भारत चीन के बीच 29-30 अगस्‍त को हुए ताजा टकराव के बीच ही एक बुरी खबर आ रही है। गलवान घाटी में तैनात युवा कैप्‍टन दीक्षांत थापा एक सड़क हादसे में शहीद हो गए हैं। कैप्‍टन थापा की खबर ऐसे समय में आई है जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इसलिए जब यह जानकारी शुरुआत में आई तो कई लोग कन्‍फ्यूज हो गए कि क्‍या कैप्‍टन थापा ने इसी टकराव में अपनी जान गंवाई है? लेकिन कैप्‍टन एक अलग हादसे में शहीद हुए हैं।

deekshant.jpg

यह भी पढ़ें-लद्दाख में ताजा टकराव के बंद श्रीनगर-लेह हाइवे बंद

    India-China clash: उसी इलाके में फिर घुस रहा था चीन, जहां उसके 1300 जवान हुए थे ढेर | वनइंडिया हिंदी

    सेना की 6 इंफ्रेंटी के साथ थे तैनात

    सेना सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि कैप्‍टन थापा 6 मैकेनाइज्‍ड इंफेंट्री के साथ तैनात थे। 30 अगस्‍त को कियारी के करीब स्थित कारू में यह घटना हुई है। बताया जा रहा है कि कैप्‍टन दीक्षांत थापा उस समय एक हादसे का शिकार हो गए जब एक टैंक पर बीएमपी-2 को लोड किया जा रहा था। घटना में बीएमपी अपनी जगह से हटकर उन पर जा गिरा। हादसा इतना बड़ा था कि कैप्‍टन थापा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के साथ ही गलवान में अब तक 23 भारतीय सैनिक शहीद हो चुके हैं। सेना ने इस समय बीएमपी-2 सरत को गलवान घाटी में चीनी खतरे का जवाब देने के लिए तैनात किया हुआ है। बीएमपी-2 भारत का एडवांस्‍ड टैंक है। कैप्‍टन दीक्षांत की शहादत की खबर को लोगों ने ताजा घटनाक्रम के साथ जोड़ना शुरू कर दिया था। ऐसी खबरें आ रही थीं 15 जून केबाद एक बार फिर 29 अगस्‍त को जो हरकत चीन की तरफ से की गई उसके बाद हैंड-टू-हैंड बैटल हुई है। हालांकि सेना ने किसी भी तरह की हिंसा से इनकार कर दिया है।

    गलवान में तैनात है BMP

    भारत ने दारबुक-श्योक-डीबीओ रोड (डीएसडीबीओ रोड) पर सरत को तैनात किया हुआ है। सरत की तैनाती से साफ है कि सेना हर तरह से चीन का जवाब देने में सक्षम है और पूरी तरह से सजग है। फिलहाल किसी भी अफसर या जवान को चुशुल में हुई घटना में कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सेना प्रवक्‍ता कर्नल अमन आनंद ने बताया है, '29 और 30 अगस्‍त की रात पीएलए के जवानों ने पूर्वी लद्दाख में जारी टकराव के दौरान मिलिट्री और राजनयिक वार्ता के दौरान बनी आम सहमति का उल्‍लघंन किया और भड़काऊ सैन्‍य गति‍विधियों को अंजाम दिया है। सेना बातचीत के जरिए शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन साथ ही समान रूप से अपनी क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए भी दृढ़ निश्चित है।'

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Captain Dikshant Thapa of 6 Mechanised Infantry loses his life on 30 Aug in Galwan, Ladakh.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X