CAA प्रदर्शन में उतरने के बाद छोड़ना पड़ा भारत, अब जर्मन छात्र ने फेसबुक पोस्ट में कही ये बात
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के कारण जर्मनी के जैकब लिंडेथल को भारत छोड़ना पड़ा है। अब वह वापस लौट गए हैं और उन्होंने बताया है कि उनके साथ क्या हुआ। जैकब ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि वह CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को सलाम करते हैं।

आईआईटी मद्रास के छात्र हैं जैकब
जैकब लिंडेथल आईआईटी मद्रास के छात्र हैं। उन्होंने भारत से लौटने के बाद एक फेसबुक पोस्ट में लिखा है, 'इस सुबह मैं सुरक्षित एम्सटर्डम आ गया हूं और जल्द ही अपने परिवार के पास वापस लौट जाऊंगा। मेरा साथ देने के लिए आप सभी को शुक्रिया। आपके संदेशों के लिए धन्यवाद, आपने मुझे कानूनी सलाह और आश्रय तब दिया, जब मेरी भारत से बाहर जाने वाली फ्लाइट एक दिन की देरी से चल रही थी।'
फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा?
उन्होंने आगे लिखा, 'इस इवेंट ने मुझे समझाया कि राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए लाखों लोगों का समर्थन जरूरी होता है। जो लोग CAA-NRC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, मैं उन्हें सलाम करना चाहता हूं। भारत में जो भी राजनीतिक तौर पर चल रहा है, मुझे उम्मीद है कि अभिव्यक्ति की आजादी जारी रहेगी। मैं किसी तरह से आपके साथ जुड़ने की कोशिश करूंगा।'

जामिया और एएमयू के समर्थम में मार्च
बता दें सीएए के खिलाफ आईआईटी मद्रास सहित कई विश्वविद्यालय के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है। जैकब भी 16 दिसंबर को जामिया और एएमयू के समर्थम में निकाले गए मार्च में शामिल हुए थे। उन्होंने पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज करवाया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने के लिए कह दिया गया था। जैकब ने अपने पोस्टर में भारत सरकार की तुलना हिटलर के शासन से की थी। वह आईआईटी मद्रास में भौतिकी विभाग के छात्र हैं।












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