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Ludhiana West Bypoll: लुधियाना वेस्ट AAP ने जीत लिया-अब अरविंद केजरीवाल की अगली मंजिल राज्यसभा?

Ludhiana West Bypoll Result 2025 (Arvind Kejriwal): चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों गुजरात की विसावदर, कडी सीट, पंजाब की लुधियाना वेस्ट, केरल की नीलांबुर सीट और पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट के उपचुनाव का आज फैसला आ गया। पंजाब की लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण आशु को 10,637 वोटों के अंतर से हराया है।

सबसे नजरें भी पंजाब की लुधियाना वेस्ट सीट टिकी थी। यहां सिर्फ आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार नहीं लड़ रहा था -यह अरविंद केजरीवाल की सियासी साख, भविष्य की रणनीति और शायद राज्यसभा का रास्ता तय करने वाला चुनाव बन गया था। असल में संजीव अरोड़ा वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। लेकिन अब उनके विधायक चुने जाने के बाद उन्हें अपनी राज्यसभा सीट छोड़नी पड़ेगी। ऐसे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि AAP के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस खाली हो रही राज्यसभा सीट से संसद जा सकते हैं।

Ludhiana West Bypoll Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल के राज्यसभा जाने पर क्या बोले सौरभ भारद्वाज?

लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में संजीव अरोड़ा की बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अरोड़ा को टिकट इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने राज्यसभा सांसद के तौर पर लुधियाना में बहुत शानदार काम किया था। वह अपने सामाजिक कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर खासे लोकप्रिय हैं।

AAP के मुताबिक, लोगों में संजीव अरोड़ा की अच्छी पकड़ है और वे उन्हें पसंद करते हैं। खुद संजीव अरोड़ा भी चाहते थे कि वे विधायक बनकर पंजाब सरकार के साथ मिलकर लुधियाना की सेवा करें। इसी मंशा को देखते हुए पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट दिया। अब उन्हें पंजाब सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

जहां तक खाली हो रही राज्यसभा सीट का सवाल है, पार्टी नेतृत्व और पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) मिलकर इस पर चर्चा करेगी और एक योग्य उम्मीदवार को भेजने का फैसला लिया जाएगा।

लुधियाना वेस्ट सीट: केजरीवाल के राजनीतिक भविष्य का सेमीफाइनल

लुधियाना वेस्ट उपचुनाव के नतीजे आम आदमी पार्टी और खासकर अरविंद केजरीवाल के लिए 'करो या मरो' जैसा मुकाबला था। दिल्ली चुनाव में करारी हार झेलने के कुछ ही दिन बाद से ही केजरीवाल पंजाब पहुंचे और यहीं डेरा डाले हुए थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने न सादगी छोड़ी, न आक्रामकता। वोट मांगने का अंदाज भी वही पुराना था, चुनौती देने वाला -"अगर AAP हार गई, तो विकास रुक जाएगा!"

इस बार केजरीवाल ने अपनी रणनीति भी साफ कर दी थी। AAP उम्मीदवार संजीव अरोड़ा की जीत को उन्होंने खुद के राज्यसभा पहुंचने से जोड़ दिया है। उन्होंने पहले ही कह दिया था कि अगर अरोड़ा जीते तो उन्हें पंजाब सरकार में मंत्री बनाया जाएगा। पर सियासी गलियारों में असली चर्चा यह है कि लुधियाना की जीत के साथ ही केजरीवाल के राज्यसभा का टिकट पक्का हो जाएगा।

राज्यसभा जाने के लिए किसी विधायक का इस्तीफा और सीट खाली करना जरूरी होता है। बाकी दलों में ऐसा अक्सर देखा गया है, लेकिन आम आदमी पार्टी के पास यह सुविधा नहीं है। यहां कोई नेता अपनी सीट छोड़ने को तैयार नहीं दिखता। ऐसे में लुधियाना वेस्ट सीट का चुनाव 'सीधा रास्ता' बन चुका है।

गुजरात की विसावदर सीट भी AAP के लिए जरूरी!

लुधियाना के साथ गुजरात की विसावदर सीट भी आम आदमी पार्टी के लिए जरूरी है। यहां केजरीवाल ने अपने करीबी और पार्टी के तेजतर्रार नेता गोपाल इटालिया को उतारा है। इतना ही नहीं उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा को खुली चुनौती भी दी थी कि -"अगर इटालिया को तोड़ लिया तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" हालांकि गोपाल जीत गए हैं।

इस उपचुनाव के प्रचार में ऐसा लग रहा था जैसे केजरीवाल पूरे गुजरात को संबोधित कर रहे हों मानो विसावदर से ही 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर रहे हों। गुजरात में AAP का विस्तार 2022 में शुरू हुआ था, जब पार्टी ने 5 सीटें जीती थीं। लेकिन अगर इस बार भी पार्टी कोई प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पाई, तो 2027 की रणनीति खटाई में पड़ सकती है।

AAP का लुधियाना वेस्ट और विसावदर दोनों सीटें जीतना निश्चित रूप से पार्टी को दिल्ली की हार से उबरने का मौका देगा। खासकर लुधियाना की जीत तो सीधे-सीधे केजरीवाल के राज्यसभा में जाने का रास्ता खोल सकती है -जहां से वह राष्ट्रीय राजनीति में फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।

लुधियाना वेस्ट विधानसभा क्षेत्र: सीट का प्रोफाइल, उम्मीदवार और पिछले चुनाव परिणाम

लुधियाना वेस्ट सीट के बारे में जानकारी

लुधियाना वेस्ट पंजाब की एक विधानसभा (विधान सभा) सीट है। यह निर्वाचन क्षेत्र लुधियाना जिले और पंजाब के मालवा क्षेत्र में स्थित है। यह सीट "शहरी" श्रेणी में आती है और इस पर कोई आरक्षण लागू नहीं है यानी यह सामान्य वर्ग (General) के लिए आरक्षित है। लुधियाना वेस्ट, लुधियाना (सामान्य) लोकसभा सीट का हिस्सा है। पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं।

लुधियाना वेस्ट उपचुनाव 2025 उम्मीदवारों की सूची

उपचुनाव में लुधियाना वेस्ट सीट से कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में इस सीट से 8 उम्मीदवार चुनाव लड़े थे।

2025 उपचुनाव में प्रमुख उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं, संजीव अरोड़ा (AAP), जीवन गुप्ता (BJP), एडवोकेट परुपकार सिंह घुम्मन (SAD), भरत भूषण आशु (INC), जतिंदर कुमार शर्मा (NLSP), नवनीत कुमार गोपी (SADA), अल्बर्ट डुआ अनु (निर्दलीय), गुरदीप सिंह काहलों (निर्दलीय), नीतू (निर्दलीय), इंजीनियर परमजीत सिंह भराज (निर्दलीय), पवनदीप सिंह (निर्दलीय), इंजीनियर बलदेव राज कटना देवी (निर्दलीय), राजेश शर्मा (निर्दलीय), रेणु (निर्दलीय)

लुधियाना वेस्ट पिछले चुनाव के नतीजे

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के गुरप्रीत बासी गोगी ने कांग्रेस (INC) के भरत भूषण आशु को 7512 वोटों के अंतर से हराया था। यह अंतर कुल मतों का 6.47% था। इस चुनाव में कुल 1,16,187 वोट पड़े थे, जिसमें से आम आदमी पार्टी को 40,443 वोट मिले थे, यानी 34.46% मत AAP को मिले थे। लुधियाना लोकसभा सीट, जिसमें लुधियाना वेस्ट विधानसभा सीट भी आती है, से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (INC) सांसद चुने गए थे।

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