कॉर्पोरेट घरानों की पहली पसंद है भाजपा!
नई दिल्ली| कॉर्पोरेट घरानों मामले में की गई सनसनीखेज गिरफ्तारी ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। हालांकि पुलिस एक्शन में आयी है और गिरफ्तारियों पर गिरफ्तारी हुई हैं । लेकिन इस मद्दे ने लोगों के अंदर कई सवाल पैदा कर दिये हैं, हालांकि सत्तासीन सरकार बीजेपी कह जरूर रही है कि दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा लेकिन एक खास बात इस पहलू से जुड़ी हुई है और वो यह है कि बीजेपी पार्टी कारपोरेट घराने की पहली पसंद है और इसी कारण यह घराने दिलखोलकर पार्टी को चंदा देते हैं।
दिल्ली पुलिस द्वारा इस सप्ताह कॉर्पोरेट जासूसी मामले में की गई सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद उद्योग संघ एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऑफ इंडिया ने फिर से मांग की कि सरकार और उद्योग के संबंध में पारदर्शिता लाने के लिए लॉबिंग को वैधता प्रदान किया जाए। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने यहां एक बयान जारी कर कहा, "प्रत्येक देशी और बहुराष्ट्रीय कंपनी को लॉबिंग समूह में शामिल होने का अधिकार होना चाहिए, ताकि वे फैसला लेने वाले अधिकारी को अपना पक्ष समझाने की कोशिश कर सकें। लॉबिंग को गंदा शब्द नहीं समझा जाना चाहिए।"
कॉर्पोरेट घरानों की पहली पसंद है भाजपा!
एसोचैम ने कहा कि कारपोरेट जासूसी से मुक्ति पाने का एकमात्र रास्ता है पूर्ण पारदर्शिता और निर्णय निर्माण प्रक्रिया के चारों ओर खड़ी की गई गोपनीयता की दीवार को गिरा देना।पेट्रोलियम मंत्रालय के दस्तावेजों की चोरी पर पुलिस में दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक जिन दस्तावेजों की चोरी हुई है, उनमें आगामी बजट से संबंधित सूचनाएं और प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा गया एक पत्र शामिल है।













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