BJP President: इस दिग्गज के नाम पर ही क्यों लगी मुहर? संघ और PM Modi दोनों के सहमत होने की ये है इनसाइड स्टोरी
BJP President Manohar Lal Khattar: लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से ही बीजेपी के नए अध्यक्ष का चुनाव बार-बार टल रहा है। अब नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग गई है और माना जा रहा है कि मानसून सत्र से पहले इसका ऐलान भी हो जाएगा। बीजेपी और संघ से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि हरियाणा के पूर्व सीएम नए अध्यक्ष होंगे। अभी केंद्रीय कैबिनेट में शहरी विकास मंत्रालय का पद संभाल रहे मनोहर लाल खट्टर पार्टी के अगले अध्यक्ष होंगे।
इस पद के लिए निर्मला सीतारमण से लेकर अनुराग ठाकुर, मनोज सिन्हा, केशव प्रसाद मौर्य जैसे कई नाम चर्चा में थे। बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम पर मुहर लग गई है। धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़कर हरियाणा के पूर्व सीएम के नाम पर संघ ने भी सहमति जताई है।

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BJP President बनने की रेस में मनोहर लाल खट्टर ने यूं मारी बाजी
सूत्रों के मुताबिक संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी चुनाव से पहले सभी विकल्पों को लेकर चर्चा की गई थी। अंत में खट्टर के नाम पर मुहर लग गई। जानें किन वजहों से उन पर संघ और पीएम मोदी ने इतना भरोसा दिखाया है। मनोहर लाल खट्टर के नाम पर सहमति बनने से पहले बीजेपी के शीर्ष नेताओं से लेकर संघ में भारी मंथन और वार्तालाप के कई दौर चले। सभी संभावित उम्मीदवारों के नाम और उनकी ताकत, कमजोरी जैसे पक्षों पर चर्चा हुई। अंत में खट्टर के नाम पर सहमति बन गई। जानें कौन से कारण उनके पक्ष में गए।
RSS और शीर्ष नेतृत्व की सहमति
सूत्रों के अनुसार, RSS और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के बीच खट्टर के नाम पर सहमति बन चुकी है। इसकी वजह है कि मुख्यमंत्री का पद संभालने से पहले तक मनोहर लाल खट्टर काफी लो प्रोफाइल रहते हुए संगठन का कामकाज देखते थे। बीजेपी में शामिल होने से पहले वह दो दशक से ज्यादा वक्त आरएसएस में बिता चुके हैं। वहां उन्होंने एक आम कार्यकर्ता से लेकर संगठन स्तर पर मिली अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं।
संघ के साथ PM Modi भी करते हैं भरोसा
मनोहर लाल खट्टर का RSS में लंबा अनुभव और भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कामों से उनका घनिष्ठ जुड़ाव उन्हें अध्यक्ष पद के लिए स्वीकार्य चेहरा बनाता है। इसके अलावा, पीएम मोदी और अमित शाह के साथ भी उनका दशकों पुराना संबंध रहा है। मोदी खुद भी खट्टर के कामकाज और प्रशासनिक क्षमता की तारीफ कर चुके हैं।
संगठन और चुनाव प्रबंधन
वह एक अनुभवी संगठनकर्ता रहे हैं, जिन्होंने हरियाणा में पार्टी की आधारभूत ताकत मजबूत की थी। इसके अलावा बीजेपी में अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने कई राज्यों में चुनाव प्रबंधन देखा है। लो प्रोफाइल रहने वाले खट्टर सोशल मीडिया और न्यू मीडिया जैसी चीजों से परहेज नहीं करते हैं। इसके अलावा, हिंदी बेल्ट से आते हैं और उन्होंने लगभग पूरे भारत का भ्रमण किया है और अलग-अलग प्रदेशों में लंबा प्रवास किया है।
बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने की होगी। अगले साल बंगाल चुनाव हैं जिसके लिए बीजेपी 2021 चुनाव के बाद से ही मेहनत कर रही है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पार्टी का विजय रथ जारी रखने का जिम्मा भी उनके कंधों पर ही होगा।
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