Padmini Ekadashi 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से खुलेंगे सफलता के द्वार, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

Padmini Ekadashi 2026: आज अधिकमास की एकादशी यानी कि पद्मिनी एकादशी है, जिसे कि कमला एकादशी भी कहते हैं। आज का दिन बेहद पावन है क्योंकि आज दुर्लभ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री के मुताबिक ज्योतिष शास्त्र में इस योग को सफलता, धन लाभ, शुभ कार्यों और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है।

Padmini Ekadashi 2026

क्या होता है सर्वार्थ सिद्धि योग?

दयानंद शास्त्री ने कहा कि 'जब किसी विशेष वार और नक्षत्र का शुभ संयोग बनता है, तब सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है। यह योग नए कार्य शुरू करने, निवेश करने, पूजा-पाठ, यात्रा और खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वैसे तो ये योग हर राशि के लिए शुभ है लेकिन पांच राशियों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बरसने वाली है और ये 5 राशियां हैं - मेष, सिंह, तुला , धनु और मीन।

पद्मिनी एकादशी पर चमकेगी इन राशियों की किस्मत

  • मेष राशि: रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में खुशियां बढ़ेंगी।
  • सिंह राशि: सिंह राशि वालों को मान-सम्मान और सफलता मिल सकती है। नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे।
  • तुला राशि: धन लाभ और निवेश में फायदा होने की संभावना है। पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।
  • धनु राशि: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
  • मीन राशि: मीन राशि वालों के लिए यह योग विशेष फलदायी माना जा रहा है। रुका हुआ पैसा मिल सकता है और मानसिक तनाव कम होगा।

पद्मिनी एकादशी पर करें ये उपाय

भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी अर्पित करें, "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें, जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें, शाम को घी का दीपक जलाकर विष्णु चालीसा का पाठ करें।

पद्मिनी एकादशी FAQ

पद्मिनी एकादशी क्या है?

पद्मिनी एकादशी अधिक मास में आने वाली विशेष एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। इसे भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पुण्यदायी एकादशियों में माना जाता है।

पद्मिनी एकादशी का व्रत क्यों रखा जाता है?

मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पापों का नाश होता है, सुख-समृद्धि बढ़ती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत मोक्षदायी भी माना जाता है।

पद्मिनी एकादशी पर क्या करना शुभ माना जाता है?

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पण, मंत्र जाप, व्रत और दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है।

पद्मिनी एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?

एकादशी के दिन तामसिक भोजन, चावल का सेवन, क्रोध और गलत कार्यों से बचना चाहिए।

पद्मिनी एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का क्या महत्व है?

सर्वार्थ सिद्धि योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में पूजा-पाठ, निवेश और नए कार्य शुरू करने से सफलता और शुभ फल मिलने की मान्यता है।

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