Padmini Ekadashi 2026: क्या है पद्मिनी व्रत कथा? कैसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न?
Padmini Ekadashi 2026: आज अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पद्मिनी एकादशी है, जिसे कि कमला एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पद्मिनी एकादशी की कथा का वर्णन पुराणों में मिलता है। काशी के पंडित दयानंद शास्त्री ने कहा कि 'आज जो लोग भगवान विष्णु का व्रत रख रहे हैं या फिर पूजा करते हैं उन्हें एकादशी की कथा जरूर श्रवण करनी चाहिए क्योंकि कथा सुनने के बाद ही पूजा संपन्न होती है।'

पद्मिनी एकादशी की कथा क्या है?
प्राचीन समय में माहिष्मती नगरी में कृतवीर्य नामक एक पराक्रमी राजा राज्य करते थे। उनकी कई रानियां थीं लेकिन उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं था। संतान न होने के कारण राजा और उनकी सबसे प्रिय रानी पद्मिनी बहुत दुखी रहते थे। राजा ने संतान प्राप्ति के लिए अनेक यज्ञ, दान और पूजा-पाठ किए, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। अंत में राजा ने राजपाट छोड़कर वन में कठोर तपस्या करने का निर्णय लिया। रानी पद्मिनी भी अपने पति के साथ वन में चली गईं और उनकी सेवा में लगी रहीं।
महर्षि अनसूया ने दी पद्मिनी एकादशी व्रत की सलाह
कई वर्षों तक तपस्या करने के बाद भी भगवान प्रसन्न नहीं हुए। तब एक दिन रानी पद्मिनी महर्षि अनसूया के आश्रम पहुंचीं और उनसे अपनी समस्या बताई। महर्षि अनसूया ने रानी से कहा कि यदि वे अधिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत श्रद्धा और विधिपूर्वक करें, तो भगवान विष्णु अवश्य प्रसन्न होंगे। रानी पद्मिनी ने महर्षि के बताए अनुसार पद्मिनी एकादशी का कठोर व्रत किया। उन्होंने पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान, भजन और पूजा की तथा रात्रि जागरण भी किया। रानी की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा।
रानी पद्मिनी ने एक बलशाली पुत्र को जन्म दिया
तब राजा कृतवीर्य ने भगवान से एक तेजस्वी और महान पुत्र की कामना की। भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया। कुछ समय बाद रानी पद्मिनी ने एक बलशाली पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम कार्तवीर्य अर्जुन पड़ा। आगे चलकर वह बहुत प्रतापी राजा बना।
पद्मिनी एकादशी पर जरूर करें ये उपाय, खुल जाएंगे भाग्य
दयानंद शास्त्री ने कहा कि 'भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए पद्मिनी एकादशी पर कुछ खास उपाय जरूर करने चाहिए, जो ऐसा करता है उसे जीवन में यश की प्राप्ति होती है और कष्टों का अंत होता है।' उन्होंने जो उपाय बताए हैं वो निम्नलिखित हैं...
- पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं। बिना तुलसी के श्रीहरि की पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।
- इस दिन कम से कम 108 बार ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।मंत्र जाप से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मकता दूर होती है।
- पीले कपड़े, हल्दी, चना दाल, केले या केसर का दान करना शुभ माना जाता है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और आर्थिक परेशानियां कम होती हैं।
- यदि संभव हो तो इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ जरूर करें। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
- एकादशी के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने और जलदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
- शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता बढ़ती है।














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