मोब लिंचिंग की घटनाओं पर घिरी सरकार को बचाते दिखे अमित शाह
नई दिल्ली। देश में भीड़ के द्वारा पीट-पीट कर मार डाले जाने की घटनाओं को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गोवा में बोलते हुए अपनी सरकार का बचाव करते दिखे। अमित शाह ने कहा कि यूपीए की सरकार के दौरान भी भीड़ द्वारा लोगों को मारे जाने की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तभी तक किसी ने इस पर सवाल नहीं उठाया है, जबकि अब इन्हीं घटनाओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि जब से पार्टी बनी है तब से ही यह पॉलिसी बनाई गई है कि हम धर्म, पंत और मजहब के आधार पर सरकार नहीं चलाएंगे। शाह ने कहा कि क्या ऐसी कोई घटना हुई, जिसमें कोई गिरफ्तारी न हुई हो? वह बोले 2011, 2012, 2013 में हमारे 3 साल में जितनी लिंचिंग हुईं उससे की गुना ज्यादा लिंचिंग हुईं, लेकिन कभी ये सवाल नहीं उठा था।
राष्ट्रपति भी इस पर कह चुके हैं अपनी बात
देश में लगातार बढ़ रही मोब लिंचिंग यानी भीड़ द्वारा किसी को मारे जाने की घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी अपनी बात कही है। उन्होंने शनिवार को कहा- जब मोब लिंचिंग इतनी अधिक बढ़ गई है और काबू से बाहर हो गई है, हमें रुकना होगा और यह देखना होगा कि क्या हम सतर्क हैं? मैं अतिसतर्कता की बात नहीं कर रहा हूं, मैं कह रहा हूं कि क्या हम पर्याप्त रूप से सतर्क हैं, जिससे कि हम देश के मूल सिद्धांतों की रक्षा कर सकें।
प्रणब मुखर्जी ने यह बात नेशनल हेराल्ड के स्मारक प्रकाशन की रिलीज के मौके पर कही। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ही इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उस समय कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उपस्थित थीं। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों में मोब लिंचिंग की घटनाएं काफी अधिक बढ़ गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications