'..अगर मैं गद्दार हूं': संसद सुरक्षा चूक मामले में अपनी सफाई में क्या बोले बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा?
संसद सुरक्षा चूक मामले की वजह से आलोचनाओं का शिकार हो रहे भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा ने कहा है कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों पर पूरा विश्वास है और वही तय करेंगे कि वे क्या हैं?
प्रताप सिम्हा ने लोकसभा में प्रवेश के लिए जो दर्शकों के पास जारी किए थे, उसी का फायदा उठाकर दो आरोपियों ने संसद की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया था। इसी वजह से कर्नाटक के मैसुरु से बीजेपी सांसद सिम्हा विरोधियों के निशाने पर हैं।

'देशद्रोही' वाले पोस्टर प्रताप सिम्हा का जवाब
सिम्हा से उनके खिलाफ लगे 'देशद्रोही' वाले पोस्टर को लेकर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'मैं क्या हूं वह लोगों को पता है और 2024 के लोकसभा चुनावों में वही फैसला करेंगे। पोस्टर में बीजेपी सांसद को हाथ में बम के साथ दिखाया गया है और उसपर उनके लिए 'देशद्रोही' लिखा गया है।'
संसद में हुई सुरक्षा चूक के बाद से कई संगठनों ने मैसुरु के भाजपा सांसद के खिलाफ प्रदर्शन किया है और एक संगठन ने उन्हें 'गद्दार' बताते हुए पोस्टर लगाया है।
'लोग तय करेंगे कि मैं देशद्रोही हूं या राष्ट्र प्रेमी हूं'
इस पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रताप सिम्हा ने कहा, 'देवी चामुंडेश्वरी, माता कावेरी, लोग जो पिछले 20 वर्षों से मेरा कॉलम पढ़ रहे हैं, मैसुरु और कोडागु के लोग, जिन्होंने पिछले 20 सालों में मेरा काम देखा है, वे तय करेंगे कि मैं देशद्रोही हूं या राष्ट्र प्रेमी हूं....वह 2024 के अप्रैल चुनावों में फैसला करेंगे। वे ही फैसला करने वाले हैं कि मैं देशद्रोही हूं या देशभक्त....'
इससे पहले सिम्हा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मिलकर उन्हें बताया था कि आरोपी सागर शर्मा के पिता जो उनके मैसुरु निर्वाचन क्षेत्र में रहते हैं, उन्होंने नए संसद भवन जाने के लिए उनसे पास का अनुरोध किया था। उन्होंने स्पीकर को यह भी बताया था कि इससे ज्यादा इस मामले में उनके पास साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है।
कांग्रेस के निशाने पर हैं प्रताप सिम्हा
जब इस बात का खुलासा हुआ कि सागर शर्मा नाम के आरोपी ने लोकसभा में घुसने के लिए प्रताप सिम्हा के नाम से जारी पास का इस्तेमाल किया था तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके मैसुरु दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था।
इस महीने की 13 तारीख को आरोपी दर्शक दीर्घा से लोकसभा सदन में कूद गए थे और 'कैन' से धुआं छोड़कर देशभर में खलबली मचा दी थी। इस मामले पर बाद में विपक्ष का विरोध इतना बढ़ गया कि दोनों सदनों की कार्यवाही को बाधित करने के लिए कुल 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया।









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