BJP विधायक का बयान, देश में असली रावण नहीं रहा तो ये चंद्रशेखर 'रावण' क्या टिकेगा

यूपी के बलिया जिले की बैरिया सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने चंद्रशेखऱ पर जुबानी हमला बोलते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली। रासुका हटाए जाने के बाद जेल से रिहा हुए भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर उर्फ रावण ने कहा है कि उनका लक्ष्य अब 2019 में भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकना है। रावण ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उनकी रिहाई एक साजिश के तहत की है और 10 दिनों के भीतर उन्हें किसी ना किसी मामले में फंसाकर फिर से जेल में डाल देगी। इस बीच यूपी के बलिया जिले की बैरिया सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने चंद्रशेखऱ पर जुबानी हमला बोलते हुए एक बड़ा बयान दिया है।

'जल्द होगा चंद्रशेखर रावण का राजनीतिक वध'

'जल्द होगा चंद्रशेखर रावण का राजनीतिक वध'

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने चंद्रशेखर की रिहाई पर कहा, 'जब वो 'रावण जैसा रावण' इस देश में नहीं चल सका तो ये चंद्रशेखर वाला 'रावण' भी कैसे रहेगा। इस देश में असली रावण नहीं रहा, तो ये तो सिर्फ नाम के रावण हैं, इन्होंने तो केवल टाइटल के तौर पर रावण नाम रखा है, इनका राजनीति वध बहुत जल्दी होगा। सीएम योगी ने इन्हें 15 महीने जेल में डालकर दंड दिया है। 2019 में अब इनका राजनीतिक वध होगा।'

'भगवान राम भी आ जाएंगे तो रेप नहीं रुकेंगे'

'भगवान राम भी आ जाएंगे तो रेप नहीं रुकेंगे'

आपको बता दें कि सुरेंद्र सिंह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान देकर चर्चाओं में आ चुके हैं। हाल ही में बागपत जेल में पूर्वांचल के कुख्यात डॉन प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की हत्या पर सुरेंद्र सिंह ने कहा था कि न्याय व्यवस्था ने देरी की लेकिन ईश्वरी शक्ति ने मुन्ना बरजंगी को मारने के लिए किसी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा था कि मुन्ना बजरंगी मारा गया, इसे ईश्वरी व्यवस्था ही मानिए। इससे पहले सुरेंद्र सिंह ने यूपी में रेप की घटनाओं पर कहा था कि भगवान राम भी आ जाएंगे तो रेप की घटनाओं पर नियंत्रण संभव नहीं है।

देर रात जेल से रिहा हुए चंद्रशेखर

देर रात जेल से रिहा हुए चंद्रशेखर

गौरतलब है कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को गुरुवार देर रात जेल से रिहा किया गया था। मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के बाद, रामपुर में दलितों की महापंचायत में बवाल के दौरान चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया गया था। उनके ऊपर रासुका के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। इस दौरान उनकी रिहाई के लिए भीम आर्मी के सदस्यों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन किया था। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भीम आर्मी का प्रभाव है। माना जा रहा है कि दलितों की नाराजगी से बचने के लिए चंद्रशेखर के ऊपर से रासुका हटाकर उन्हें रिहा किया गया है।

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