West Bengal Election Results: बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत से पाकिस्तान में पसरा मातम, भड़काऊ बयान वायरल
West Bengal Election Results: पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। बीजेपी की 206 सीटों पर प्रचंड जीत और ममता बनर्जी की हार ने न केवल भारत, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी खलबली मचा दी है। पाकिस्तानी मीडिया और वहां के विशेषज्ञ इस जीत को भारत के बढ़ते राष्ट्रवाद और प्रधानमंत्री मोदी के 'अजेय' नैरेटिव के रूप में देख रहे हैं।
पाकिस्तान के गलियारों में अब भारत की अगली रणनीति और दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य को लेकर काफी डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।

BJP victory in Bengal: कमर चीमा की भड़काऊ बयानबाजी
पाकिस्तानी विश्लेषक कमर चीमा ने इस जीत को युद्ध का संकेत बताया है। उनका कहना है कि भारत के एक बड़े हिस्से पर अब बीजेपी का नियंत्रण है, जिससे मोदी सरकार का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। चीमा का मानना है कि इस जीत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ेगा। उन्होंने इसे विनाशकारी युद्ध की शुरुआत करार देते हुए कहा कि भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ेगा, जो पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती है।
आरजू काजमी का विश्लेषण और पीएम मोदी का 'मंत्र'
मशहूर पत्रकार आरजू काजमी ने ममता बनर्जी की हार को एक युग का अंत बताया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में ऐसा राजनीतिक समीकरण बैठाया कि वर्षों से जमी हुई सरकार ढह गई। उनके शो में चर्चा हुई कि इस बार बंगाल के चुनाव में हिंदुत्व और शरणार्थी मुद्दों ने बड़ी भूमिका निभाई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वोटर्स ने एकजुट होकर बीजेपी का साथ दिया, जिससे विपक्ष पूरी तरह बिखर गया और ममता बनर्जी अपने ही गढ़ में अलग-थलग पड़ गईं।
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अवैध घुसपैठ और वोट बैंक पर चर्चा
बंगाल में बीजेपी की जीत के पीछे एक बड़ा कारण अवैध वोटर्स पर की गई कार्रवाई को बताया जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में भी इस बात की चर्चा है कि इस बार चुनाव आयोग की सख्ती और पहचान पत्रों की जांच की वजह से चुनावी समीकरण बदल गए। भारतीय विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल के मूल निवासियों में यह डर था कि अगर इस बार वे एकजुट नहीं हुए, तो उन्हें भी कश्मीर या अन्य जगहों की तरह विस्थापित होना पड़ सकता है, जिसके कारण बंपर वोटिंग हुई।
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पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' का तंज
पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार 'डॉन' ने इस नतीजे को वामपंथ की हार और हिंदुत्व की जीत के तौर पर देखा है। अखबार ने जोसेफ स्टालिन का जिक्र करते हुए लिखा कि भारत में जो लोग कभी वामपंथी विचारधारा के करीब थे, उनके ही फैसलों ने आज हिंदुत्ववादी ताकतों को इतना मजबूत बना दिया है। लेख के अनुसार, विपक्ष की आपसी फूट और कांग्रेस विरोध ने बीजेपी के लिए रास्ता साफ कर दिया, जिससे आज भारत का राजनीतिक नक्शा पूरी तरह बदल गया है।












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