कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का दावा- 'लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ा सकती है मोदी सरकार'
नई दिल्ली, 26 जुलाई। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के एक ट्वीट ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंनेअपने ट्वीट में दावा किया है कि 'लोकसभा चुनाव 2024 से पहले LS सीटों की संख्या को बढ़ाने का प्रस्ताव है, ये जानकारी उन्हें संसदीय सहयोगियों की ओर से दी गई है। लेकिन इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले मोदी सरकार को जनता की राय ली जानी चाहिए ।'
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'लोकसभा की स्ट्रेंथ बढ़ाने का है प्रस्ताव लागू कर सकती है सरकार'
मनीष तिवारी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ' संसदीय सहयोगियों के जरिए उन्हें सूचना मिली है कि साल 2024 से पहले लोकसभा की संख्या बढ़ाकर 1000 या उससे अधिक करने का प्रस्ताव है और इसी वजह से नए पार्लियामेंटं में 1000 सीटों वाले नए संसद कक्ष का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इस गंभीर मसले पर सरकार पर पहले एक चर्चा करनी चाहिए और जनता की राय लेनी चाहिए।'

सार्वजनिक बहस की जरूरत: कार्ति चिदंबरम
मनीष तिवारी के ट्वीट पर कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि ये बहुत ही गंभीर मसला है, जिस पर सार्वजनिक बहस की जरूरत है, भारत एक बड़ा देश है, अगर स्ट्रेंथ बढ़ाई जाती है तो इस पर सबकी राय ली जाए क्योंकि अगर सीटों का इजाफा जनसंख्या के आधार पर किया गया तो इससे दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व और प्रभाव कम हो जाएगा, जो कि स्वीकार नहीं है।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट लुटियंस दिल्ली का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। इसके तहत भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर एक नया और विशाल संसद भवन, एक केंद्रीय सचिवालय के अलावा कई इमारतें बनाई जानी हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक की तीन किलोमीटर के इलाके का नए सिरे से विकास होना है।

खास बातें
- नए संसद भवन में लोकसभा सदस्यों के लिए 888 सीटें होंगी और राज्यसभा सदस्यों के लिए 326 से अधिक सीटें होंगी। लोकसभा हॉल में 1224 से ज्यादा सदस्यों के एक साथ बैठने की व्यवस्था होगी। इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा।
- नया संसद भवन, पुरानी इमारत की तुलना में 17,000 वर्गमीटर बड़ा होगा। नई बिल्डिंग को डिजाइन एचसीपी ने किया है। नई इमारत में एक भव्य संविधान हॉल, संसद के सदस्यों के लिए एक लाउंज, पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, डाइनिंग एरिया और बड़ा पार्किंग स्थान होगा। नई बिल्डिंग में तीन फ्लोर होंगे जिसमें से एक ग्राउंड फ्लोर जबकि दो मंजिल उसके ऊपर होंगे।
- भवन का डिजाइन त्रिकोणीय होगा जिसका नजारा आसमान से देखने पर तीन रंगो की किरणों वाला होगा। संसद में टू सीटर बैंच होगी यानी कि एक टेबल पर दो सांसद बैठ सकेंगे।
- संसद की नई इमारत का निर्माण 2022 तक पूरा हो जाने की संभावना है। जबकि, पूरा सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पूर्ण होने की समय-सीमा 2024 रखी गई है।












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