भाजपा ने दिल्ली सीएमओ हैंडल का नाम बदलने के विवाद पर एलजी से कार्रवाई की मांग की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के आधिकारिक एक्स हैंडल का नाम बदलकर "अरविंद केजरीवाल एट वर्क" करने के संबंध में उपराज्यपाल के हस्तक्षेप का आह्वान किया है। यह बदलाव पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कहने पर किए जाने का आरोप है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा से आग्रह किया कि वह निराधार आरोप लगाने के बजाय शासन पर ध्यान केंद्रित करे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से सीएमओ दिल्ली हैंडल के नाम बदलने के संबंध में सरकार के आईटी विभाग से रिपोर्ट प्राप्त करने का अनुरोध किया है। सचदेवा ने केजरीवाल पर व्यक्तिगत डिजिटल ब्रांडिंग के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग करने का आरोप लगाया और मांग की कि उपराज्यपाल इस कथित दुरुपयोग को रोकें। उन्होंने दावा किया कि इस हैंडल को लगभग एक मिलियन लोग फॉलो करते हैं, और इसका दुरुपयोग सार्वजनिक विश्वास और निजी जानकारी से समझौता करता है।
राजनीतिक संदर्भ और आरोप
भाजपा ने 5 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में आप पर जीत हासिल करने के बाद 26 वर्षों के बाद दिल्ली में फिर से सत्ता हासिल की। हालांकि, अभी तक सरकार का गठन नहीं हुआ है। सचदेवा ने केजरीवाल की आलोचना करते हुए उन्हें "डिजिटल लुटेरा" कहा और उनकी सरकार के पतन के बाद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को व्यक्तिगत उपयोग के लिए पुनर्निर्देशित करने के लिए उनकी निंदा की।
भाजपा नेताओं की और आलोचना
नए निर्वाचित भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने भी केजरीवाल की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि आप ने दिल्ली सरकार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल से वीडियो हटा दिए। गुप्ता ने दावा किया कि केजरीवाल विधानसभा सत्रों और सरकारी कार्यक्रमों के पुराने वीडियो को हटाकर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने केजरीवाल पर पारदर्शिता पर अपने पिछले रुख का खंडन करते हुए कथित कमियों को छिपाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड मिटाने का आरोप लगाया।
भाजपा की मांग और आरोप दिल्ली में चल रहे राजनीतिक तनाव को उजागर करते हैं क्योंकि वे एक नई सरकार के गठन का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी डिजिटल शासन प्रथाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए दबाव डालती रहती है।












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