BJP AIMIM Alliance Akot: बीजेपी और ओवैसी की पार्टी के बीच हुआ गठबंधन, महाराष्ट्र में बड़ा उलटफेर
BJP AIMIM Alliance Akot: महाराष्ट्र की राजनीति में सिद्धांतों और विचारधारा की दीवारों को गिराते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐसा दांव चला है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। ठाणे के अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के बाद, अब अकोला के अकोट नगर परिषद में बीजेपी ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया है।
सत्ता के गणित को सुलझाने के लिए 'अकोट विकास मंच' के नाम से बना यह मोर्चा चर्चा का विषय है। इस पर शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने तीखा प्रहार करते हुए इसे अवसरवादी राजनीति का चरम बताया है।

Maharashtra Politics News: BJP-AIMIM में क्यों हुआ गठबंधन?
अकोट नगर परिषद के चुनावों में बीजेपी ने मेयर पद पर तो कब्जा कर लिया, लेकिन 35 सदस्यीय सदन में वह बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रह गई। बीजेपी को केवल 11 सीटें मिलीं, जबकि सत्ता चलाने के लिए जादुई आंकड़े की जरूरत थी। इसी सियासी मजबूरी के कारण बीजेपी ने 'अकोट विकास मंच' (Akot Vikas Manch) का गठन किया। इसमें चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब 5 सीटें जीतने वाली AIMIM भी बीजेपी के नेतृत्व वाले इस गठबंधन का हिस्सा बन गई और आधिकारिक रूप से जिला मजिस्ट्रेट के पास रजिस्टर हुई।
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Maharashtra Local Body Polls: सत्ता के लिए बने 'अजूबे' गठबंधन का सच
अकोट विकास मंच केवल बीजेपी और AIMIM तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिंदे और अजित पवार गुट के साथ-साथ शरद पवार की एनसीपी और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी भी शामिल हैं। कुल 25 सदस्यों के समर्थन के साथ बीजेपी ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं, कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी को विपक्ष में बैठने पर मजबूर होना पड़ा है। यह गठबंधन दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर सत्ता की चाबी हथियाने के लिए धुर विरोधी दल भी एक मंच पर आ सकते हैं।
संजय राउत का जोरदार हमला
बीजेपी के इस कदम पर संजय राउत ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पार्टी 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा देती थी, वह आज अंबरनाथ में कांग्रेस और अकोट में ओवैसी के साथ 'निकाह' कर रही है। राउत ने बीजेपी और AIMIM को 'दोमुंहे केंचुए' करार देते हुए कहा कि सत्ता के लिए इनका वैचारिक विरोध महज एक दिखावा है। उन्होंने कांग्रेस से भी सवाल पूछे और कहा कि महाराष्ट्र की जनता इस अवसरवादी राजनीति को करीब से देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
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AIMIM नेतृत्व की सफाई और अंदरूनी कलह
इस गठबंधन की खबर फैलते ही AIMIM के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील ने सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय स्तर पर हुए इस समझौते की जानकारी नहीं थी। जलील ने स्पष्ट किया कि बीजेपी के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन नहीं किया जाएगा और यदि स्थानीय नेताओं ने अपनी मर्जी से ऐसा किया है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आधिकारिक पंजीकरण के बाद अब पार्टी के लिए इस गठबंधन से पल्ला झाड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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