बिहार: विवादों में नीतीश के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह, जिस दिन करना था सरेंडर, उसी दिन शपथ लेने पहुंचे
पटना, 17 अगस्त: बिहार में नई महागठबंधन की सरकार का मंगलवार को कैबिनेट विस्तार किया गया। नीतीश सरकार में शामिल हुए 31 नए मंत्रियों ने शपथ ली। जिसमें सबसे ज्यादा 16 मंत्री राजद (RJD) के बने हैं, जिनमें से आरजेडी एमएलसी कार्तिकेय सिंह को कानून मंत्री के रूप में शामिल करने पर विवाद छिड़ गया है। क्योंकि बिहार में जिस आरजेडी एमएलसी पर किडनैपिंग के मामले में कोर्ट से है वारंट जारी किया जा चुका है, उनको नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में कानून मंत्री बनाया है।
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मंगलवार को 31 मंत्रियों में शामिल आरजेडी एमएलसी कार्तिकेय सिंह ने भी शपथ ली, जिनको बिहार की कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी कानून मंत्री के रूप में मिली, लेकिन अब खुद कार्तिकेय सिंह के साथ-साथ बिहार की नई सरकार सवालों के घेरे में आ चुकी है। कानून मंत्री के खिलाफ कोर्ट से अपहरण के मामले में वारंट जारी किया जा चुका है। इतना ही नहीं यहां तक की जिस दिन उनको कोर्ट में पेश होना था, वो मंत्रिमंडल की शपथ ले रहे थे।
कार्तिकेय सिंह को अपहरण के एक मामले में 16 अगस्त को दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वह बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में नए मंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पटना के राजभवन पहुंचे थे। बता दें कि कार्तिकेय सिंह व 17 अन्य के खिलाफ पटना के बिहटा थाने में 2014 में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। उन पर हत्या की नीयत से एक बिल्डर को अगवा करने की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। सिंह के खिलाफ 14 जुलाई 2022 को वारंट जारी किया गया था और उन्हें 16 अगस्त 2022 को आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वह अदालत में आत्मसमर्पण करने के बजाय शपथ लेने गए।
नीतीश सरकार पर हमलावर बीजेपी
वहीं इस मामले में बीजेपी आक्रामक नजर आ रही है। बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के कानून मंत्री (कार्तिकेय सिंह) पर 2014 में अपहरण का मामला दर्ज है, जिसको उन्होंने अपने हलफनामे में भी स्वीकार किया है। उसी मामले में इनको 16 अगस्त को आत्मसमर्पण करना था, लेकिन वे शपथ लेने चले गए। यह सब मुख्यमंत्री की जानकारी में था। मोदी ने कहा कि उन्हें सरेंडर कर देना चाहिए था। लेकिन उन्होंने कानून मंत्री के रूप में शपथ ली है। मैं नीतीश से पूछता हूं कि क्या वह बिहार को लालू के जमाने में वापस ले जाने की कोशिश कर रहे हैं? कार्तिकेय सिंह को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।
वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बिहार सरकार में मंत्री RJD नेता कार्तिकेय सिंह को अदालत ने 12 अगस्त को एक आदेश में 1 सितंबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी। इधर विपक्ष द्वारा कार्तिकेय सिंह को बर्खास्त करने की मांग पर बिहार के कानून मंत्री और राजद नेता कार्तिकेय सिंह ने कहा कि हलफनामा सभी मंत्री, विधायक सब देते हैं, इसमें ऐसी कोई बात नहीं है।












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