इस एक्‍ट्रेस को हुई ये लाइलाज बीमारी, इंस्‍टाग्राम पर लिखा- इसमें छिपाने या शर्माने जैसा कुछ नहीं

नोएडा। भोजपुरी फिल्‍मों की जानीमानी एक्‍ट्रेस काजल राघवानी को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। खबर उनकी सेहत से जुड़ी है। काजल राघवानी ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि उन्‍हें PCOD नाम की गंभीर बीमारी है। इस बीमारी की वजह से उनका वजन लगातार बढ़ता जा रहा है। अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्‍ट करते हुए काजल ने लिखा- I M NOT OVARY REACTING। मैं पिछले डेढ़ साल से इस बीमारी से ग्रसित हूं। ये सारे लक्षण मुझे दिख रहे हैं। इसमें छुपाने और शर्माने जैसा कुछ नहीं है। काजल ने इसके साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें इस बीमारी से होने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में लिखा गया है।

फैन्‍स कर रहे हैं जल्‍दी ठीक होने की दुआ

फैन्‍स कर रहे हैं जल्‍दी ठीक होने की दुआ

काजल के इस पोस्‍ट पर उनके फैन्‍स का कमेंट आना शुरू हो गया। फैन्‍स उनके जल्‍द ठीक होने की दुआ मांग रहे हैं। कुछ लोगों ने तो काजल को आराम करने की सलाह दी। आपको बता दें कि PCOD बीमारी लाइलाज है। महिलाओं को पूरी उम्र इस बीमारी के साथ जीना पड़ता है। हालांकि सही खानपान और लाइफस्‍टाइल से इसे मात दिया जा सकता है।

वर्कफ्रंट पर काजल राघवानी

वर्कफ्रंट पर काजल राघवानी

काजल राघवानी ने हुकूमत, पंचायत, मेहंदी लगा के रखना, चीरहरण जैसी फिल्मों में काम किया है। भोजपुरी एक्ट्रेसेज में काजल राघवानी की गिनती टॉप 4 में होती है। काजल राघवानी का डांस बेहद लोकप्रिय है। यूट्यूब में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले भोजपुरी कंटेंट में 'छलकता हमरो जवानिया राजा' गाना उन्हीं पर फिल्माया गया है।

क्‍या होता है PCOD

क्‍या होता है PCOD

PCOD एक ओवरी संबंधी बीमारी होती है। जिसके कारण लड़कियों के हार्मोन असुंतलन की स्थिति उत्पन्न होने लगती है। ऐसे में महिलाओं के शरीर में फीमेल हार्मोन की बजाय मेल हार्मोन (एण्ड्रोजन) का स्तर ज्यादा बढ़ने लगता है। PCOD होने पर अंडाशय में कई गांठे (सिस्ट) बनने लगती हैं। आपको बता दें इस गंभीर बीमारी से अधिकतर लड़कियां को सामना करना पड़ता है।

क्‍या है इसके लक्षण

क्‍या है इसके लक्षण

जो महिलाएं पीसीओडी की समस्या से ग्रसित होती हैं उनमें डायबिटीज के अलावा कई तरह की अन्य बीमारियां होने का खतरा अन्य लोगों से अधिक होता है इसके साथ ही माहवारी में अनियमितता और मेटाबोलिज्म में भी असंतुलन हो जाता है एवं एंड्रोजन हार्मोन का उत्पादन जरुरत से अधिक हो जाता है। अनियमित मासिक धर्म होना , बार बार गर्भपात होना , आदमियों जैसे बाल आ जाना , डिप्रेशन होना आदि कुछ लक्षण देखकर और ओवरी में सूजन आदि की स्थिति देखकर ही डॉक्टर पता करते है।

पेट के निचले हिस्से में दर्द होना , टेंशन या डिप्रेशन आदि होना तथा माँ नहीं बन सकना या बार बार गर्भपात होना भी पीसीओडी के लक्षण हो सकते है.पीसीओडी का कारण अज्ञात है। इसे अनुवांशिक रूप से माता या पिता द्वारा प्रदत्त माना जाता है। समय पर इलाज नहीं करवाने पर महिलाओं को गंभीर समस्या का सामना करना पड सकता है। आवश्यकता पड़ने पर पीसीओडी के उपचार में शल्य क्रिया या ऑपरेशन भी किया जाता है जिसे लैप्रोस्कोपिक ओवेरियन ड्रिलिंग या लैप्रोस्कोपिक इलेकट्रॉकाशेरिअसशं ओवेरियन स्ट्रोमा कहा जाता है।

पीसीओडी के उपचार

  • आपको फिट रखना चाहिए और नियमित अभ्यास करना चाहिए और काम करना चाहिए। चलना एक आदर्श अभ्यास है जिसे आप चुन सकते हैं।
  • आपको दिल स्वस्थ भोजन खाना चाहिए जिसमें सब्जियां, नट, फल, साबुत अनाज और सेम शामिल हैं। संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों से बचें और इनमें तला हुआ भोजन, मांस और पनीर शामिल हैं।
  • यदि आपके पास पीसीओडी है तो वजन कम करना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। वजन की एक छोटी सी मात्रा को खोने से आपके हार्मोन को संतुलित करने और मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने में मदद मिलेगी।
  • धूम्रपान के रूप में धूम्रपान छोड़ें आपके शरीर में एंड्रोजन के स्तर को बढ़ाता है।
  • जन्म नियंत्रण गोलियां भी आपके लक्षणों को कम करने के लिए निर्धारित की जाती हैं, और पीसीओडी की वजह से बांझपन के मुद्दों के मामले में प्रजनन दवाएं निर्धारित की जाती हैं।

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