नज़रिया: भीम आर्मी बेज़ुबान दलितों की आवाज़ है या लोकतंत्र के लिए चुनौती?

सहारनपुर में राजपूत-दलित हिंसा के बाद दिल्ली में दलितों की विशाल रैली क्या मोदी सरकार की नई चुनौतियों की ओर इशारा करती है? पत्रकार सुभाष गताडे की राय.

भीम आर्मी
BBC
भीम आर्मी

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में राजपूतों और दलितों के बीच हिंसक घटनाओं के बाद भीम आर्मी चर्चा में है.

भीम सेना के नाम से लोगों को कन्फ़्यूजन हो सकता है. सेना से आर्मी का मतलब निकाला जाता है.

लेकिन इससे जुड़े लोग संविधान के दायरे में रहकर काम करने की बात करते हैं. दलितों को संगठित करने की बात करते हैं.

मेरा मानना है कि ऐसी समानांतर सेनाएं खड़ी होने लगेंगी और ये ज्यादा उग्र तरीके से काम करेंगी तो लोकतंत्र के लिए अलग ढंग से चुनौती खड़ी हो सकती है.

दलितों की शिकायत की समस्या के जड़ में जाने की जरूरत है.

दलितों का प्रदर्शन, 'संघवाद

'द ग्रेट चमार' का बोर्ड लगाने वाले 'रावण'

दलितों की पार्टियों को फ़ुर्सत नहीं

ये सोचे जाने की जरूरत है कि किन वजहों से दलित ऐसे उग्र संगठनों का गठन कर रहे हैं. इसकी दो-तीन वजहें दिखाई देती हैं.

दलितों के हितों के लिए काम करने का दावा करने वाली बड़ी पार्टियां अपनी प्रासंगिकता खो रही हैं. वो सिर्फ सत्ता की राजनीति में उलझ कर रह गई हैं.

जिसकी वजह से दलित आबादी के साथ हो रही बदसलूकी और जिसे वो दोयम दर्जे का बर्ताव मानते हैं, उसे कोई जुबान नहीं मिल पा रही है.

दूसरी वजह ये है कि पूरे देश में एक तरह का वातावरण बन रहा है कि कुछ लोग खुद को डॉक्टर आंबेडकर का वारिस तो बता रहे हैं लेकिन दलितों के लिए कुछ करने से बच रहे हैं.

ये विरोधाभास दिख रहा है.

आँखों देखीः पत्रकारिता का राष्ट्रवादी हवन और कल्लूरी का 'वॉर ऑफ परसेप्शन'

'आरक्षण हटाओ लेकिन पहले ख़त्म हो जाति व्यवस्था'

भीम आर्मी
BBC
भीम आर्मी

उग्र विरोध में भीम सेना बस एक हिस्सा

भीम सेना के प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सहारनपुर हिंसा के बाद अगड़ी जाति के लोगों को हथियारों के साथ प्रदर्शन की इजाजत दी गई जबकि दलितों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से भी रोका गया.

प्रशासन और सरकार के स्तर पर ये दोहरा बर्ताव दिख रहा है.

जनांदोलन और इन संगठनों के रूप में दलितों का जो उभार हो रहा है, उससे राजनीतिक दल अपने तौर तरीकों में बदलाव लाने पर विवश होंगे.

देश भर में दलितों के साथ जो कुछ हो रहा है, भीम सेना केवल उसका एक हिस्सा है.

गुजरात में गाय के नाम पर दलितों के साथ जो कथित ज़्यादतियां हुईं, उससे दलित उग्र विरोध करने पर विवश हो रहे हैं, फिर ये मामले चाहे गुजरात या फिर झारखंड के हों.

ये विरोध अलग-अलग स्तरों पर दिख रहा है और इसी के कारण मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां अपने नीति बदलने पर मजबूर होंगी.

दुविधा में हैं हिंदू धर्म छोड़ने वाले वाल्मीकि लोग

मोदी सरकार से 'जनता' पूछ रही है ये 30 सवाल

भीम आर्मी
BBC
भीम आर्मी

दक्षिणपंथी राजनीति

सेना या संगठन बनाने का शगल अगड़ी जातियों में भी देखा जा रहा है. कोई ये पूछ सकता है कि उन्हें आखिर किस तरह की असुरक्षा है?

मेरा मानना है कि पूरी दुनिया में जिस तरह से दक्षिणपंथ का उभार हो रहा है, उससे एक अनुदारवादी माहौल हर जगह बन रहा है.

आप देख सकते हैं कि लोग चाहे गाय के नाम पर हो या बच्चा चोरी के नाम पर, कानून अपने हाथों में लेकर किसी को भी मार रहे हैं.

और पिछले तीन सालों, भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार देने की घटनाएं बढ़ी हैं.

संविधान में सबका विकास की बात कही गई है लेकिन ये भावना बढ़ रही है कि अलग-अलग विकास हो और सभी को अपनी-अपनी तरक्की चाहिए.

अमित शाह के 'राजनीतिक गुरु' गुजरात में क्या करेंगे?

'जो ख़ुद को हिंदू न माने उसे नक्सली माना जाए?'

भीम आर्मी
BBC
भीम आर्मी

सरकार ख़ास लोगों के बारे में सोच रही हैं

देश में जिस तरह की दक्षिणपंथी राजनीति का चलन बढ़ा है, ये उसी का प्रतिबिंब है कि कथित अगड़ी जातियों या फिर किसी अन्य समुदाय के नाम पर कैसे तथाकथित सेनाएं खड़ी हो रही हैं.

इसके लिए कहीं न कहीं सरकारें भी जिम्मेदार हैं. वो दोनों पक्षों की चिंताएं दूर करने में नाकाम रही है.

दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में सहारनपुर से लोग आ रहे हैं तो इसका मतलब साफ है कि लोग उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.

सरकार की तरफ से जो समावेशी रुख होना चाहिए, वो नहीं दिख रहा है और ये भावना बन रही है कि मौजूदा सरकार ख़ास लोगों के बारे में ज्यादा सोचती है.

सहारनपुर ग्राउंड रिपोर्ट: दलित-राजपूत टकराव

गाय बचाने वालों से इंसानों को बचाने की चिंता

( बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन से बातचीत पर आधारित. )

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+