Bengaluru Metro: 38 मजदूरों की हुई थी मौत, फिर भी बेंगलुरु मेट्रो के अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं
RTI On Bengaluru Metro: एक आरटीआई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बेंगलुरु मेट्रो के निर्माण की शुरुआत से अभी तक में 38 लोगों की जान चली गई है। लेकिन अभी तक किसी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एक आरटीआई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बेंगलुरु मेट्रो निर्माण कार्य में 38 लोगों की अब तक जान चली गई है लेकिन अब तक इसमें किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरटीआई रिपोर्ट में केवल मेट्रो साइटों पर अपर्याप्त सुरक्षा ही नहीं बल्कि आधिकारिक जिम्मेदारी की गंभीर कमी का भी खुलासा हुआ है।
दस्तावेजों से पता चलता है कि 2007 में शुरू हुए मेट्रो निर्माण कार्य में 38 लोगों की जान चली गई है, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं। वहीं बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (बीएमआरसीएल) का दावा है कि जनवरी 2023 में एक दुर्घटना को छोड़कर, सभी दुर्घटनाओं में जिम्मेदार संविदा कर्मचारी हैं। इनमें सहायक, फिटर, ड्राइवर, ठेकेदारों सभी शामिल हैं।

बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का अलग दावा
आरटीआई की रिपोर्ट पर बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने एक अलग ही दावा करते हुए कहा कि रीच 2 एक्सटेंशन (पर्पल लाइन का पश्चिमी भाग) में केवल दो मौतें हुई हैं, यह कहते हुए कि निर्माण के दौरान जनता का कोई भी सदस्य घायल या मारा नहीं गया था। हालांकि, हली अपील के बाद, बीएमआरसीएल ने अतिरिक्त सात लोगों का विवरण प्रदान किया, जिसमें जनता के दो सदस्य - सुशील कंचन, एक डिलीवरी बॉय, और एक व्यक्ति जिसकी पहचान अनादप्पा के रूप में की गई थी। ये सभी गोटीगेरे से रीच 6 एलिवेटेड पोर्शन वर्क में मारे गए।












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