Lok Sabha Election: बंगाल पर अड़ी थी कांग्रेस, ममता ने असम-मेघालय में भी मांग लीं सीटें, ये शर्त भी लगा दी
कांग्रेस पार्टी के हाव-भाव से लगने लगा था कि इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करना चाह रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी तो उसकी मौजूदा राजनीति हैसियत बताने पर तुल गई हैं।
टीएमसी सूत्रों ने गुरुवार को कहा है कि पार्टी लोकसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर बातचीत करने के लिए कांग्रेस की नेशनल अलांयस कमेटी के पास अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने जा रही है, क्योंकि वह इसपर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है।

टीएमसी की दो टूक, कांग्रेस पैनल के पास नहीं भेजेगी प्रतिनिधि-सूत्र
कांग्रेस ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) के सहयोगियों के साथ अलग-अलग राज्यों में सीट-शेयरिंग पर बातचीत के लिए अपना एक पैनल बनाया है। इसी के साथ बातचीत के लिए टीएमसी को बुलाया जा रहा था।
तृणमूल ने कहा है कि इस बैठक के लिए कांग्रेस की ओर से पार्टी नेताओं से संपर्क किया गया है। लेकिन, उसने साफ कह दिया है कि टीएमसी ऐसी बातचीत के लिए अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने जा रही है।
कांग्रेस को बंगाल में दी है दो सीटों का ऑफर- टीएमसी सूत्र
टीएमसी सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने कांग्रेस को बंगाल में वही दोनों सीटों का ऑफर दिया है, जो 2019 में उसने जीती थीं। लेकिन, कांग्रेस ने कहा है कि यह बहुत कम है और इसे स्वीकार करने में दिक्कत है। पश्चिम बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीटें हैं।
ऑफर में बदलाव पर फैसला सिर्फ ममता ही लेंगी
लेकिन, टीएमसी की ओर से साफ कह दिया गया है कि पार्टी ने कांग्रेस को जो भी ऑफर दिया है, उसमें किसी तरह का बदलाव अब पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही कर सकती हैं।
टीएमसी असम और मेघालय में भी लड़ना चाहती है चुनाव
यही नहीं पार्टी सूत्रों का कहना है कि टीएमसी असम में भी कम से कम 2 सीटों और मेघालय में एक सीट पर चुनाव लड़ने की सोच रही है। उसने बताया कि पार्टी की स्थानीय इकाई ने गोवा में 1 सीट पर भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जहां 2021 के विधानसभा चुनावों में उसे करीब 5% वोट मिले थे।
हालांकि, ममता की पार्टी ने कांग्रेस पर इतनी दरियादिली जरूर दिखाई है कि वह गोवा में सीट देने की मांग पर नहीं अड़ेगी और कांग्रेस का समर्थन करेगी।
कांग्रेस को उसके वोट शेयर के आधार पर दिया ऑफर-टीएमसी
जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है तो टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कांग्रेस को जो ऑफर दिया गया है, वह पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उसके वोट शेयर के आधार पर दिया गया है। कांग्रेस का वोट शेयर पिछले चुनावों में 42 में से कम से कम 39 सीटों पर 5% से भी कम रहा है।
2021 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को 2.93% वोट मिले थे। जबकि, 2016 में वह 12.25% ला पायी थी। वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का वोट शेयर मात्र 5.67% रहा था।
कांग्रेस नेतृत्व समझे की वे कमजोर हैं- टीएमसी
उस नेता का कहना है कि 'कांग्रेस नेतृत्व को बंगाल की जमीनी हकीकत को स्वीकार करना चाहिए। वे कमजोर हैं।' टीएमसी नेता ने कहा, 'हम पश्चिम बंगाल में लड़ाई की अगुवाई करने के लिए तैयार हैं, हम इंडिया ब्लॉक के सात बीजेपी को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'












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